बाड़मेर : कोरोना संकट में 25 सौ रुपए की आर्थिक सहायता राशि बांट रहे कर्मचारी के साथ मारपीट
बाड़मेर। कोरोना वायरस संकट के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर में डॉक्टरों व राजस्थान के टोंक में पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों के बाद अब बाड़मेर प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ ऐसी घटना सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
बता दें कोरोना महामारी से लड़ने के लिए इस समय पूरा देश एकजुट है। डॉक्टर, पुलिस एवं प्रशासन के लोग लगातार आमजन के लिए कोरोना वॉरियर्स बनकर काम कर रहे हैं, लेकिन देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कभी डॉक्टरों पर हमला करते हैं तो कभी पुलिस वालों पर।

दो दिन पहले ले चुका था राशि
ऐसा ही मामला शनिवार को बाड़मेर शहर के तिलक नगर में सामने आया, जिसमें राशन सामग्री बांट रहे प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। दरअसल, मामला यह था कि एक शख्स को 2 दिन पहले ही 2500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल चुकी थी, लेकिन वह शनिवार को फिर ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचा और राशन सामग्री का किट मांगने लगा तो वहां लगे कर्मचारियों ने उसे समझाया कि आपको सहायता पहले भी दी जा चुकी है। इसलिए अब नहीं मिलेगी।

सरकारी दस्तावेज फाड़े
इस पर वह शख्स भड़क गया और कुछ लोगों के साथ मिलकर लठ एवं धारदार हथियारों से मारपीट करना शुरू कर दी। इतना ही नहीं उसने कार्यालय के अंदर रखे कई दस्तावेजों को भी फाड़ दिया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
लिपिक मेहराम ने बताया कि जरूरतमंदों को 25 सौ रुपए की सहायता दे रहे थे। आरोपी दो दिन पहले ही आर्थिक ले चुका था। मना करने पर हमला करने का प्रयास। उस समय तो चला गया। फिर दुबारा आया और सरिया, लाठी से जानलेवा हमला किया। थानाधिकारी मूलाराम चौधरी ने बताया कि लिपिक ने रिपोर्ट दी कि कोविड-19 के संकट के बीच लिपिक आर्थिक सहायता राशि बांट रहा था। इस दौरान गांव के लोगों ने उसके साथ मारपीट की है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।












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