Lok Sabha Election: राजस्थान की सियासत में आज यह क्या हुआ ? लालचंद से लेकर खिलाड़ी हो गए भाजपाई
Rajasthan Letest News: राजस्थान की सिसायत में आज का दिन कांग्रेस के लिए किसी काले दिन से कम नहीं है। जब कांग्रेस के सबसे मजबूत नेता भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस के खिलाड़ी से लेकर कटारिया तक 32 नेताओं के कमल का हाथ थामने के बाद अब सियासी हंगामा कांग्रेस के अंदरखाने भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस का हाथ छोड़ कमल का हाथ थामने वाले 32 नेताओं में से उन नेताओं के बारे बात करेंगे जो अब तक सांसद,विधायक और मंत्री रह चुके है।
कांग्रेस में केंद्रीय मंत्री रहे लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, पूर्व सांसद खिलाड़ी राम बैरवा, मारवाड़ यानी नागौर की सियासत में मजबूत पकड़ रखने वाले रिछपाल मिर्धा, पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल के पुत्र आलोक सहित कई ऐसे नेता जिन्होने आज भाजपा का दामन थाम लिया।
आइये जानते हैं उन नेताओं के बारे में जो अब बीजेपी के हो गए
1. लालचंद कटारिया - कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। ये पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। एक बार आमेर से और दो बार झोटवाड़ा से विधायक रहे हैं। अशोक गहलोत के नजदीकी नेता माने जाने वाले कटारिया दो बार राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं।
2. राजेंद्र यादव - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में मंत्री रहे हैं। जयपुर ग्रामीण की कोटपूतली विधानसभा से विधायक रहे हैं। कोटपूतली बहरोड़ अब नया जिला बन चुका है।
3. रिछपाल मिर्धा - नागौर का मिर्धा परिवार दशकों से कांग्रेस से जुड़ा रहा। उसी परिवार के रिछपाल मिर्धा डेगाना विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं।
4. विजयपाल मिर्धा - विजयपाल मिर्धा डेगाना से पूर्व विधायक रहे हैं। वे पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा के बेटे हैं। कांग्रेस ने पिछली बार जब रिछपाल मिर्धा का टिकट काटा था तो रिछपाल के स्थान पर विजयपाल को टिकट दिया था। इस बार विजयपाल मिर्धा विधानसभा चुनाव हार गए।
5. आलोक बेनीवाल - आलोक बेनीवाल पूर्व राज्यपाल डॉ. कमला बेनीवाल के पुत्र हैं। कमला बेनीवाल ने अपनी पूरी राजनीति कांग्रेस में रहकर की लेकिन अब उनके पुत्र आलोक बेनीवाल भाजपा में शामिल हो गए हैं। बेनीवाल शाहपुरा से विधायक रह चुके हैं।
6. खिलाड़ी लाल बैरवा - धौलपुर जिले की बसेड़ी विधानसभा सीट से खिलाड़ी लाल बैरवा विधायक रह चुके हैं। वे पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया था जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा।
7. जगन्नाथ बुरड़क - जगन्नाथ बुरड़क नागौर जिले लाडनूं के रहने वाले हैं। वे पूर्व प्रधान भी रहे हैं। जगन्नाथ के पिता हरजीराम बुरड़क कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री भी रहे हैं।
इनके साथ कुछ 32 नेताओं ने आज भाजपा का दामन थामा है। जानकार सूत्र बताते है कि बिना किसी शर्त के यह सभी नेता आज भाजपा में शामिल हुए।
आपकों बता दे कि पूर्व विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा सचिन पायलट के काफी करीबी माने जाते है। बैरवा ने कई बार अशोक गहलोत के खिलाफ कई बार बयानबाजी भी की है। बिते दिनों दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए वह अशोक गहलोत पर जमकर बरसे थे।
खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा था कि देखिए जी अति हो गई है। मिलते-मिलते मेरा एमपी का टिकट काटा सीटिंग का। मैं एमएलए था, चेयरमैन एससी कमीशन था।
इतना काम किया, जो देखने लायक है। इसके बावजूद भी इन्होंने किसी ने एक नहीं सुनी, किसी ने ध्यान दिया। न मिलने का टाइम दिया। एक नया लड़का तैयार किया हमारे खिलाफ, जो कोई मतलब का नहीं है....क्या मजाक है.... बंधुआ मजदूर तो नहीं है।
हम भी जनता को लेकर बैठे है। पॉलिटिक्स करते हैं, एमपी रहे हैं, एमएलए रहे हैं। ऐसे कैसे बर्दाश्त कर लेंगे। यह बर्दाश्त करने वाली बात नहीं है।












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