पूर्व विदेश मंत्री के बेटे जगत सिंह 5 साल बाद तलाश रहे सियासी जमीन, अब लड़ेंगे जिला परिषद का चुनाव
भरतपुर, 13 अगस्त। राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह जो कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे। उन्होंने कांग्रेस का दामन हमेशा के लिए छोड़ दिया और बाद में उनके पुत्र जगत सिंह अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ से व 2013 में कामा से भाजपा विधायक चुने गए।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में अलवर की रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़े और वहां से कांग्रेस पार्टी की सफिया खान जीती। जगत सिंह चुनाव हर गए थे, लेकिन आज जगत सिंह ने भरतपुर से जिला प्रमुख बनने के लिए जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। जगत सिंह के नामांकन दाखिल करते ही राजस्थान के सियासी गलियारों में उनकी चर्चा शुरू हो गई कि वे पांच साल बाद एक बार फिर से सियासी जमीन की तलाश में जुट गए हैं।
दरअसल, जगत सिंह भाजपा के टिकट पर जिला प्रमुख बनने की तैयारी में हैं, लेकिन बात यह भी सामने आ रही है कि जगत सिंह जब दो बार विधायक बन चुके हैं तो इस बार वे जिला प्रमुख बनने क्यों जा रहे हैं। जगत सिंह ने 13 अगस्त को जैसे ही जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के नामांकन दाखिल किया वैसे ही कांग्रेस के उन नेताओं के सामने एक बड़ी चुनौती भी आ गयी है जो इस बार जिला प्रमुख कांग्रेस का बनाने की रणनीति बना रहे थे।
राजनीति के जानकार पूर्व विदेश मंत्री के बेटे जगत सिंह के बारे में कहते हैं कि वे चुनाव सिर्फ जीतने के लिए लड़ते हैं और उसके लिए हर संभव कोशिश करते हैं। मीडिया से बातचीत में जगत सिंह ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के शासन में आमजन आहत है। इसलिए वे यह चुनाव लड़ रहे हैं। वे जनता की सेवा करेंगे। पिता कंवर नटवर सिंह यहां से सांसद रहे और केंद्रीय मंत्री भी बने।












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