Rajasthan News: राजस्थान में डेंगू के कहर के बाद प्रदेश के 30 लाख घरों में सर्वे, जानिए किस शहर में कितने मरीज
Rajasthan News: राजस्थान में बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिससे राज्य सरकार ने सख्त निवारक उपाय लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से कोटा जिले में डेंगू के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। जहां हाल ही में एक नर्सिंग छात्रा की इस बीमारी से मौत हो गई और 200 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
कोटा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से लड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया हुआ है। प्रदेश में 600 से अधिक मेडिकल टीमें एंटी-लार्वा गतिविधियों को सक्रिय रूप से अंजाम दे रही हैं और अब तक 30 लाख से ज्यादा घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में 5,000 से अधिक घरों में डेंगू मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप 2,000 से अधिक परिवारों पर जुर्माना लगाया गया है। डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या कोटा में 200 तक पहुंच चुकी है। जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है।

नगर निगम और चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीमें घरों और खाली प्लॉटों में पानी जमा होने की समस्याओं को दूर करने में जुटी हैं। मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए रुके हुए पानी की त्वरित निकासी के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमबीएस में मौसमी बीमारियों के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं। ताकि बढ़ते मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सके।
स्वायत्त शासन विभाग ने राजस्थान में मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी स्थानीय निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में डेंगू और स्क्रब टाइफस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। जो कि इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए सरकार और चिकित्सा विभाग की तत्परता को दर्शाता है।
डेंगू से निपटने के लिए प्रशासन और जनता के बीच सामुदायिक सहयोग महत्वपूर्ण है। अधिकारी लगातार जागरूकता अभियानों के ज़रिए लोगों को इस बीमारी से बचने के उपाय बता रहे हैं और निवारक कार्रवाइयों पर जोर दिया जा रहा है। मौसमी बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए लोगों को अपने आस-पास पानी जमा न होने देने की सलाह दी जा रही है।
राजस्थान में मौसमी बीमारियों का बढ़ता संकट सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन द्वारा किए जा रहे जागरूकता अभियानों और निवारक कदमों के बावजूद जनता की सतर्कता और सहयोग आवश्यक है। डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों से ही इस स्वास्थ्य संकट पर नियंत्रण पाया जा सकता है।












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