Doda Encounter: पिता का शहीद बेटे को आखिरी सैल्‍यूट, बोले-'शहादत पर गर्व, अब पोतों को फौज में भेजूंगा'

Shaheed Jhunjhunu Rajasthan: राजस्‍थान शहीद अजय सिंह नरूका और बिजेंद्र सिंह दारौता को अंतिम विदाई दे दी गई है। झुंझुनूं जिले के गांव भैसावता और डूमोली खुर्द में शहीदों को आखिरी सैल्‍यूट करने जन सैलाब उमड़ा। भारत माता के जयकारों से दोनों गांव गूंज उठे।

गांव भैसावता कलां में शहीद अजय सिंह नरूका के रिटायर्ड फौजी पिता कमल सिंह नरूका ने आर्मी कैप पहनकर बेटे को आखिरी सैल्‍यूट किया। मीडिया से बातचीत में कमल सिंह नरूका ने कहा कि बेटे अजय सिंह को खोने का दुख है, मगर उसकी शहादत पर गर्व है।

martyred son bijendra singh

बेटा देश की रक्षा के लिए वतन पर मर मिटा और तिरंगे में लिपटकर घर लौटा तो गर्व से सीना चौड़ा हो गया। कमल सिंह नरूका ने यह भी कहा कि 'मैं भी सेना में रहा हूं। मुझे पता है कि देश की बात आती है तो सैनिक कैसे प्राणों की परवाह किए बिना आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देते हैं।'

उधर, गांव डूमोली खुर्द की ढाणी खुबा में शहीद बिजेंद्र सिंह दारौता के पिता रामजीलाल गुर्जर ने कहा कि 'बेटा बिजेंद्र बचपन से ही कहता था कि इंडियन आर्मी ज्‍वाइन कर देश का नाम रोशन करेगा। मैं बेटे को सैल्‍यूट करता हूं। मेरे चार पोते हैं। उन्‍हें भी देश की रक्षा के लिए तैयार करूंगा।'

martyred son bijendra singh

शहीद बिजेंद्र सिंह दौराता के बेटे हैं। बड़ा बेटा चार साल और दूसरा एक साल का है। इनकी शादी साल 2019 में अंकिता के साथ हुई थी। शादी से एक साल पहले साल 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बिजेंद्र सिंह का छोटा भाई दशरथ सिंह भी भारतीय सेना में हैं, जो वर्तमान में लखनऊ में हैं।

उधर, अजय सिंह नरूका दो माह पहले ही छुट्‌टी पर घर आए थे। कुछ दिन रहकर ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। अब 18 जुलाई को छुट्‌टी लेकर फिर गांव आने वाले थे, मगर 3 दिन पहले ही शहीद हो गए और अब 17 जुलाई को तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह आई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+