गुप्तांग पर निकले फोड़े का इलाज कराने गया मरीज, डॉक्टर्स ने प्राइवेट पार्ट ही काट डाला
जोधपुर, अक्टूबर 07: राजस्थान के बाड़मेर जिले से लापरवाही की एक बेहद ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बाड़मेर के एक निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर एक मरीज का प्राइवेट पार्ट ही काट दिया है। दरअसल मरीज के गुप्तांग पर फोड़ा निकला था। जिसका वह इलाज कराने आया था। इतना ही अस्पताल में मरीज से इस ऑपरेशन के लिए भारी-भरकम रकम भी वसूली। जिसके चले उसे घर भी गिरवी रखना पड़ा। मरीज ने इसकी शिकायत पुलिस से की है।

गुप्तांग पर हुए फोड़े का इलाज कराने गया था मरीज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाड़मेर निवासी एक युवक के गुप्तांग पर फोड़ा हो गया था। जिसका इलाज करवाने वह सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने कहा कि इस बीमारी का यहां इलाज संभव नहीं है।पीड़ित का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर वीके गोयल ने उसे कहा कि इसका बाड़मेर के निजी यश अस्पताल में इलाज संभव है। एक मामूली सर्जरी की जाएगी और वह पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगा।

घर गिरवी रख किया पैसों का इंतजाम
जिसके बाद पीड़ित मरीज निजी अस्पताल पहुंचा। जब वह यश हॉस्पिटल पहुंचा तो उसे इस ऑपरेशन की फीस डेढ़ लाख रुपए बताई गई। मरीज के पास पैसे कम थे तो उसने घर को गिरवी रखकर पैसे का इंतजाम किया और फिर इलाज करवाया। पीड़ित ने बताया कि इलाज के दौरान उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया था। जब उसे होश आया तो उसकी जिंदगी बर्वाद हो चुकी थी।

1 इंच काटा प्राइवेट पार्ट
मरीज ने बताया कि, डॉक्टर ने उसका प्राइवेट पार्ट करीब 1 इंच कटा दिया और उस पर करीब 12 टांके लगे हुए थे। पीड़ित का आरोप है कि उसका इलाज 1 सरकारी और 2 निजी डॉक्टर्स ने किया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसे ना तो कोई फीस की कोई रसीद दी गई और ना ही उसका पूरा इलाज किया गया है। इलाज में कमी के चलते अब उसके गुप्तांग में मवाद पड़ गया है। मरीज अपना इलाज जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में करवा रहा है।

पुलिस की शरण में पहुंचा मरीज
पीड़ित मरीज ने बताया कि, मथुरादास माथुर अस्पताल के डॉक्टर्स ने उसे बताया है कि उसके ठीक होने में करीब 2 महीने लगेंगे। उसके बाद भी वह सामान्य जीवन जी पाएगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। अब पीड़ित पुलिस की शरण में पहुंचा है। पीड़ित ने इस घटना की शिकायत बाड़मेर एसपी की लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके बाद उसने अपनी शिकायत जोधपुर रेंज आईजी नवज्योति गोगई से की है।












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