Rajasthan News: हीट वेव से आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकारी कवायद शुरू, यह है एडवायजरी

Rajasthan News: प्रदेश में लगातार जारी हीट वेव के असर के बाद स्वायत शासन विभाग ने ग्रीष्मकालीन आगजनी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने "संचेत ऐप" बनाकर आमजन तक इसके डाउनलोड और उपयोग करने के साथ प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है।

गुजरात एवं दिल्ली में हुई आगजनी के बाद राज्य में तापमान में निरन्तर वृद्धि के चलते अस्पतालों, बहुमंजिला इमारतें, व्यवसायिक एवं घरेलू भवनों में आगजनी की आशंका को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए है।

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राज्यस्थान के नगरीय निकायों में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्वायत शासन विभाग द्वारा एडवाईजरी जारी कर दिशा निर्देश दिए है साथ ही अधिकारियों को भी पाबंध किया गया है।

इसमें बताया गया है कि बीते कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि के कारण अस्पताल, बहुमंजिला इमारते, व्यवसायिक एवं घरेलू भवनों में आगजनी से बचाव के लिए बहुमंजिला एवं व्यवसायिक भवनों में पर्याप्त वेंटीलेशन एवं आपताकालीन निकास द्वार को बाधा रहित रखवाया जाना सुनिश्चित करें।

विद्युत चलित उपकरण, ट्रांसफार्मर ओर विद्युत लाईन पर पड़ने वाले भार की गणना किया जाना सुनिश्चित करावे। घरेलू भवनों में रसोई घर में उपयोग होने वाले एलपीजी सिलेण्डरो को खुले व छायादार स्थान पर रखा जाकर पाईप लाइन से जोडा जावें।

बहुमंजिला, व्यवसायिक एवं घरेलू भवनों में संचालित एयर कंडिशनर (ए.सी.) की नियमित सर्विस एवं रख रखाव किया जावें।

निकाय क्षेत्र में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से सम्पर्क कर पब्लिक एवं प्राईवेट हैल्थ फैसेलिटी की सूची प्राप्त की जाकर, निजी अस्पतलों में फायर अधिकारी से फायर संबंधी उपकरणों का परीक्षण, करवाकर फायर एनओसी की जांच करने दे निर्देश दिए है।

जांच में पायी गयी कमियों की नियमानुसार पूर्ति कराने तथा अग्निशमन शाखा द्वारा आगजनी से बचाव के लिए संस्थाओं को प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए है।

अस्पतालों के भीतर सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक विद्युत प्रणालियों का उचित कामकाज है। यदि इन्हे उचित रूप से प्रबंधित नहीं किया गया तो बिजली की आग, बिजली कटौती आदि जैसे गंभीर परिणाम हो सकते है तथा विद्युत खतरे रोगियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा कर सकते है इसलिये इन उपकरणों की समय-समय पर जांच करवायी जावे।

नगरीय निकाय में स्थापित अस्पतालों की नियमित ऑडिट एवं निरीक्षण करने, रखरखाव कार्यक्रम स्थापित करने तथा आपतकालीन प्रोटोकाॅल लागू करके विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए अस्पतलों के साथ सम्पर्क करने के लिए कहा गया है।

प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 100 से अधिक, 100 से कम एवं 50 बिस्तरों वाले अस्पतालों के लिए चरणबद्ध ऑडिट/निरीक्षण योजना तैयार कराने के आदेश दिए गए है।

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाई गई "संचेत ऐप" को डाउनलोड कर इसका उपयोग करने एवं प्रचार-प्रसार करने को प्रेरित किया गया है।

बहुमंजिला, व्यवसायिक भवनों व अस्पतालों में समय-समय पर अग्निशमन से संबंधित मौकड्रिल करवाने, अग्निशमन प्रमाण पत्र के लिए लंबित आवेदनों को प्राथमिकता से निस्तारण करवाने को पाबंद किया गया है।

आगजनी के दृष्टिगत संवेदनशील स्थान यथा होटल, रेस्टोरेन्ट, अस्पताल, बहुमंजिला इमारते, मैरिज हाॅल, विद्यालयों मंनोरंजन स्थालों (वाटर पार्क, गेम जोन) का मौका निरीक्षण किया जाकर अग्निशमन संबंधी उपकरणों की जांच करने निकाय से संबंधित अग्निशमन केन्द्रों की सूची का प्रचार-प्रसार करने के आदेश दिए गए है।

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