शिव सुभाग के घर से बेटी की तरह विदा हुई हिरण लॉरेंस, जागरण में आए लोगों की भर आईं आंखें
जैसलमेर, 17 मई। मध्य प्रदेश के गुना इलाके में हिरणों का शिकार और तीन पुलिसकर्मियों की हत्या मामला सुर्खियों में है जबकि इधर राजस्थान हिरणा और इंसानों के बीच अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। हिरण शिव सुभाग के घर से बेटी की तरह विदा हुई है।

हिरणों को अपने घर बच्चों की तरह पालते हैं
दरअसल, राजस्थान में बिश्नोई समाज वन्यजीवों से बेपनाह मोहब्बत करता है। बिश्नोई समाज के लोग हिरणों को अपने घर बच्चों की तरह पालते हैं। उनकी पूजा करते हैं। ऐसा ही मामला राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में सामने आया है।

15 दिन बाद मादा हिरण का आवारा कुत्तों ने शिकार कर लिया
इंसानों और वन्यजीव के प्रेम की यह कहानी नौ माह पहले उस वक्त शुरू हुई जब पोकरण के सनावड़ा गांव के पास एक मादा हिरण ने बच्चे को जन्म दिया और जन्म देने के 15 दिन बाद मादा हिरण का आवारा कुत्तों ने शिकार कर लिया। हिरण की मौत के बाद उसके बच्चे की जान भी खतरे में पड़ गई।

शिव सुभाग बिश्नोई अपने घर पर ले आए
जब यह बात पोकरण के गांव धोलिया निवासी शिव सुभाग बिश्नोई को पता चली तो वे हिरण इस के बच्चे को बचाने के लिए अपने घर पर ले आए। शिव सुभाग पत्नी सोनिया ने हिरण के बच्चे को अपने बच्चे की तरह पालन पोषण कर गाय का दूध पिलाना शुरू किया। इसका नाम लॉरेंस रखा।

हिरण का यह बच्चा अब नौ माह का हो चुका
हिरण का यह बच्चा अब नौ माह का हो चुका है। नौ महीने तक साथ रहने से लॉरेंस को शिव सुभाग के परिजनों को इतना लगाव हो गया है कि वह पूरे दिन उनके इर्द-गिर्द ही रहने लगा। थोड़ा दूर चले जाने पर जैसे ही परिजन उसे नाम से पुकारते हैं तो वह दौड़ते हुए उनके पास आ जाता।

लोहावट स्थित रेस्क्यू सेंटर भिजवाया गया
अब हिरण लॉरेंस शिव के घर से बाहर चला जाता है तो आवारा कुत्तों के हमले का डर सताता रहता है। ऐसे में लॉरेंस को रेस्क्यू सेंटर भेजने का निश्चय किया गया। इस मौके पर शिव के घर रात्रि जागरण हुआ। शुक्रवार को सामूहिक भोजन के बाद लॉरेंस को बेटी की तरह विदाई देते हुए लोहावट स्थित रेस्क्यू सेंटर भिजवाया गया।












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