Keshav Gurjar: राजस्थान, MP व UP पुलिस के लिए सिरदर्द बना डकैत केशव गुर्जर कैसे पकड़ा गया?

चंबल बीहड़ में आतंक का दूसरा नाम डकैत केशव गुर्जर को आखिर धौलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। बीहड़ में छह घंटे चले एनकाउंटर में डकैत केशव गुर्जर के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा। वह वारदात को अंजाम देकर अपनी गैंग के साथ बीहड़ में छुप जाया करता था।
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मीडिया से बातचीत में धौलपुर एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि राजस्थान, एमपी और यूपी में डकैत केशव गुर्जर व उसकी गैंग कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुकी है। तीनों राज्यों की पुलिस उसे पकड़ने का लगातार प्रयास कर रही थी। सफलता धौलपुर पुलिस को हाथ लगी है।
बीते छह माह में धौलपुर पुलिस व डकैत केशव गुर्जर की गैंग का पांच बार आमना-सामना हुआ, मगर हर बार केशव बच निकलता था। इस बार वह पकड़ा गया। उसे पैर में गोली लगने के कारण अस्पताल ले जाया गया है।
इससे पहले धौलपुर पुलिस को इत्तला मिली थी कि डकैत केशव गुर्जर बाड़ी उपखंड के बीहड़ में छुपा हुआ है। इस पर उसे पकड़ने के लिए धौलपुर बाड़ी डीएसपी मनीष कुमार शर्मा, सोने का गुर्जा थाना एसएचओ, बाड़ी सदर व कोतवाली पुलिस, क्यूआरटी टीम, डीएसटी और एडीएफ की टीम बनाकर सर्च अभियान शुरू किया गया।
डकैत केशव गुर्जर की तलाश में जुटी धौलपुर पुलिस की उससे गुर्जा पुलिस थाना इलाके के सोहन बाबा मंदिर के पास मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से गोलियां बरसाई गईं। केशव के चार साथी बीहड़ की आड़ लेकर मौके से भाग गए जबकि पैर में गोली लगने के बाद केशव गुर्जर घायल हो गया था। पुलिस ने उसे धर दबोचा और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2022 में चंद्रपुरा के बीहड़ और सोने का गुर्जा थाना इलाके में ओलेट की खिरकारी के पास धौलपुर पुलिस व डकैत केशव गुर्जर गैंग का आमना-सामना हुआ था। तब पुलिस ने केशव के दो साथी रामवतार उर्फ बंटी और रामबृज को तो पकड़ लिया था, मगर केशव भागने में सफल हो गया।
धौलपुर पुलिस ने बताया केशव गुर्जर ने शादी नहीं की थी। ना ही वह अपने परिवार से कोई ताल्लुक रखता था। यहां तक की वह मोबाइल का इस्तेमाल भी ना के बराबर करता था। इसलिए भी वह पुलिस की पकड़ में आने के लिए चुनौती बना हुआ था। अब केशव से पूछताछ में उसकी गैंग के बाकी सदस्यों की जानकारी जुटाकर उनके ठिकानों पर दबिश दी जाएगी।












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