Rajasthan News: राजस्थान में वंदे भारत को पटरी से उतारने की साजिश, जानिए किसने रचा षड्यंत्र
Rajasthan News: राजस्थान के पाली में 23 अगस्त की रात को एक अज्ञात व्यक्ति ने रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रख दिया। जिसका उद्देश्य हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन को पटरी से उतारना था। रात करीब 8:30 बजे अहमदाबाद से जोधपुर जा रही ट्रेन इस अवरोध से टकरा गई। उस समय ट्रेन में करीब 375 यात्री सवार थे। जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ गई। ट्रेन अपनी यात्रा जारी रखने से पहले कुछ देर के लिए रुकी।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर फालना पवन कुमार ने 24 अगस्त को घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि जवाई बांध रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने उन्हें जवाई बांध और बिरोलिया के बीच सीमेंट ब्लॉक रखे होने की सूचना दी। इस टक्कर के कारण वंदे भारत ट्रेन के इंजन का रेल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने पाया कि ट्रैक पर सीमेंट ब्लॉक पड़ा हुआ था।

इससे पहले भी वंदे भारत ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिशें हो चुकी हैं। 2 अक्टूबर 2023 को भीलवाड़ा के पास उदयपुर-जयपुर रूट पर अज्ञात बदमाशों ने पत्थर और लोहे की रॉड रख दी थी। लोको पायलट ने समय रहते इस बाधा को भांप लिया और आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। जिससे संभावित आपदा टल गई।
25 सितंबर 2023 को एक अन्य घटना में चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा लाइन पर मंगरोप के पास उदयपुर से जयपुर जा रही वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। इससे ट्रेन की एक खिड़की में दरारें आ गई। जिससे यात्री घबरा गए।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इरादे से कंक्रीट ब्लॉक रखने का मामला दर्ज किया है। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि किसी ने दुर्घटना और जान को खतरे में डालने के लिए जानबूझकर इसे रखा था। जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए जांच जारी है।
वंदे भारत ट्रेन पर हाल ही में कई हमले हुए हैं। 12 अक्टूबर 2023 को जयपुर से उदयपुर जाते समय भीलवाड़ा के रायला स्टेशन के पास इस पर पत्थर फेंके गए। इस घटना में एक कोच के शीशे टूट गए। जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
सुमेरपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ भरत सिंह रावत ने बताया कि इस तरह की हरकतें गंभीर अपराध हैं और इनसे काफी नुकसान हो सकता है। शुक्र है कि रेलवे कर्मचारियों और लोको पायलटों की समय पर कार्रवाई की वजह से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
वंदे भारत ट्रेन के रेल गार्ड को उपद्रवियों द्वारा रखे गए सीमेंट ब्लॉक से टकराने के कारण नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद रेलवे कर्मियों द्वारा तेजी से मरम्मत किए जाने के कारण केवल सात मिनट की मामूली देरी हुई।
इन लगातार खतरों के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे अधिकारियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। भविष्य में तोड़फोड़ या बर्बरता के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए बेहतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र आवश्यक है।












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