Rajasthan Politices: सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पूछा "गणेश घोघरा जवाब दो...क्यों ना निकाल दे आपकों पार्टी से" ?
Rajasthan News: राजस्थान की कांग्रेस में एक बार फिर सियासी उबाल आया है। कांग्रेस के अंदरखाने चल रही खिंचतान एक बार फिर खुलकर सामने आई है। डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा को कांग्रेस आलाकमान ने नोटिस देकर पूछा कि क्यों न आपको पार्टी से निकाला जाए ?
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डूंगरपुर से लगातार दूसरी बार निर्वाचित विधायक गणेश लाल घोघरा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाकर जवाब मांगा है।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न आप को पार्टी से निकाल दिया जाए। विधायक गणेश घोघरा से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। घोघरा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी लगाया।
घोघरा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बांसवाड़ा डूंगरपुर लोकसभा सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी के साथ हुए गठबंधन को कबूल न करते हुए उस प्रत्याशी का समर्थन एवम सहयोग किया जिसने स्वयं पार्टी आलाकमान के फैसलों का विरोध किया था।
दरअसल बांसवाड़ा डूंगरपुर सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का आदेश कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान के पूर्व जनजाति मंत्री अर्जुन बामनिया को दिया था। बामनिया ने कांग्रेस के बुरे दिनमान को देख चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था।
जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने अरविंद डामोर को टिकट दिया। डामोर ने शुभ मुहूर्त में अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। लेकिन नामांकन वापसी का दिन 8 अप्रैल से एक दिन पहले कांग्रेस संगठन ने भारतीय आदिवासी पार्टी से गठबंधन का ऐलान कर दिया।
कांग्रेस आलाकमान ने निर्धारित किया था कि बांसवाड़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद डामोर अपना नामांकन वापस लेकर बाप प्रत्याशी राजकुमार रोत को अपना समर्थन देंगे। लेकिन अरविंद डामोर ने कांग्रेस नेताओं को आंख दिखाते हुए आलाकमान के आदेश की धज्जियां उड़ा दी और नामांकन वापसी का समय समाप्त होने तक लापता हो गए।
हद तो यह हो गई डामोर ने इसके बाद भी खुद को सरेंडर नहीं किया और खुलकर खुद का चुनाव प्रचार कर चुनाव लड़ा। जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया।
डूंगरपुर विधायक गणेश लाल घोघरा पर आरोप है कि उन्होंने बाप पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी राजकुमार रोत को सहयोग करने के बजाय अरविंद डामोर का साथ दिया।
इसी दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बाप पार्टी प्रत्याशी राजकुमार रोत के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने 24 अप्रैल को डूंगरपुर बांसवाड़ा दौरे पर पहुंचे और विधायक गणेश घोघरा को मुलाकात के लिए बुलाया।
लेकिन विधायक गणेश घोघरा ने पार्टी आलाकमान के नेताओं के मुलाकात के न्यौते को भी ठुकरा दिया और मिलने नहीं पहुंचे। अब कांग्रेस प्रभारी रंधावा की ओर जारी किए गए नोटिस के बाद तय माना जा रहा है कि घोघरा को पार्टी से जल्द ही निकाला जाएगा।












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