राजस्थान के मेवात में बदमाशों के घरों पर गरजा सीएम भजनलाल का बुलडोजर, यह है पूरा मामला
Rajasthan News: राजस्थान में अपराधियों पर भजनलाल सरकार का लगातार एक्शन जारी है। बदमाशों की धरपकड़ के साथ-साथ उनके आलीशान मकानों और सम्पतियों पर यूपी की तर्ज पर बुलडोजर भी चलाया जा रहा है।
आज भी मेवात कहे जाने वाले अलवर, भरतपुर और डीग सहित कई जिलों में अपराधियों के घरों पर बुलडोजर गरजा। गुरुवार को मेवात के साइबर ठगों के साथ-साथ अलवर जिले में हिस्ट्रीसीटर फिरोज खान सहित कई बदमाशों के घरों पर बुलडोजर चला।

दरअसल अलवर में एनईबी पुलिस थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीसीटर फिरोज खान सहित कई आरोपियों की आज सरकारी संपत्तियों पर किए गए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया।
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यूआईटी के अधिकारी जेसीबी लेकर सुबह मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मय फोर्स के पहुंच गए। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कारवाही शुरू हो गई है। करीब 100 पुलिस वाले तैनात किए गए।
इसके लिए नगर विकास न्यास ने करीब 10 लोगों के नोटिस देकर सरकारी संपत्ति से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। 26 जून को नगर विकास न्यास के नोटिस की मयाद पूरी हो गई आज नगर विकास न्यास का दस्ता आरोपियों के अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया है और जेसीबी की सहायता से पक्के निर्माण को तोड़ा जा रहा है।
यूआईटी की टीम पूरी तैयारी से गई थी। लेंटर वाले हिस्से को तोड़ने के लिए हेमर का उपयोग किया गया। अतिक्रमण को लेकर मुख्य अतिक्रमण चार दीवारी का है मुख्य आरोपी फिरोज खान के मकान की चार दिवारी और उसके मकान के टावर को तोड़ा गया है।
कार्रवाई करने से पहले ही बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे ताकि कोई भी अप्रिय घटना नहीं हो । इसलिए आसपास के मकान पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए जो निगरानी कर रहे थे।
अधिकतर पुलिसकर्मी हथियारों से लैस थे जो किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम थे। अधिकतर घरों में 10 फीट अंदर तक का अतिक्रमण तोड़ा गया है जो चिन्हित किया गया था।
डीग जिले के कामां थाना इलाके में फिर से साइबर ठगों के अवैध ठिकानों पर पुलिस का बुलडोजर चला। तीन साइबर ठगों ने साइबर ठगी के पैसे से वन विभाग की जमीन पर मकान बनाए हुए थे। जिन्हें पुलिस ने चिन्हित कर आज धराशाही कर दिया। तीनों साइबर ठग फरार हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि कामां थाना इलाके लेवड़ा गांव में ऑपरेशन एंटी वायरस के तहत कार्रवाई की गई है।
जिन अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी के रुपयों से वन विभाग की जमीन पर अवैध आशियाने बनाए हुए थे। उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन साइबर ठगों के मकानों को तोड़ा है। कार्रवाई के दौरान डीग जिले की पुलिस, वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है।
इस कार्रवाई के माध्यम से कड़ा सन्देश दिया जा रहा है। साइबर ठगी के पैसे से अवैध निर्माण को रहने नहीं दिया जाएगा। पुलिस और भी साइबर ठगों के ठिकानों को चिन्हित कर रही है।
दरअसल 1 मार्च से साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन एंटी वायरस चलाया जा रहा है। जिसमें पुलिस ऐसे साइबर ठगों को चिन्हित कर रही है जिन्होंने साइबर ठगी के पैसे से सरकारी जमीन पर निर्माण करवाया हुआ है।
पुलिस को जांच में पता लगा की, लेवड़ा गांव में भोपा, बब्बर, वाजिद नाम के साइबर ठगों ने साइबर ठगी के पैसे वन विभाग की जमीन पर अवैध मकानों का निर्माण करवाया हुआ है।
जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों साइबर ठगों के मकानों को तोड़ा। तीनों साइबर ठगों की पुलिस तलाश कर रही है। तीनों साइबर ठग काफी समय से फरार चल रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में एक दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. मुख्य आरोपी फिरोज खान की तलाश जारी है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान को पकड़ने गई पुलिस पर वैशाली थाना नगर इलाके के मन्नाका में पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। साथ ही पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया था।
महिलाओं ने आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। इसके बाद में भागने में सफल हो गया। फिरोज खान के पकड़ने के लिए पहुंची पुलिस के जवानों को खुद की जान बचाने के लिए भागनी पड़ी थी। जिस फिरोज खान को पकड़ने में पुलिस के पसीने छुटे थे, आज उसी के घर के अवैध कब्जे वाले हिस्से को तोड़ दिया गया।
फिरोज खान के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। उस पर पेट्रोल पंप लूट का भी मामला है। साथ ही हत्या, डकैती, मारपीट और लूटपाट के मुकदमे दर्ज हैं। गत दिनों पांच लाख की रंगदारी मामला भी था।
उस मामले में पुलिस पकड़ने गई थी। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से लिया और आरोपियों की सरकारी जमीन पर बनी संपत्तियां का सर्वे कर उसे तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है।












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