राजस्थान में पानी के लिए मचा त्राहिमाम, राजधानी सहित कई शहरों में गहराया जल संकट
Rajasthan News: राजस्थान में गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की दो बूंद के लिए हाहाकार मचना शुरू हो गया है। राजधानी जयपुर से लेकर टोंक, नागौर, अजमेर सहित कई जिलों में जल संकट के लिए त्राहिमाम मच गया हूं।
प्रदेश में अभी तो जून की शुरुआत भी नहीं हुई है और यहां जल संकट से त्राहिमाम मचा हुआ है। शहरों में 5-7 दिन में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है, तो वहीं गांवों की स्थित और भी ज्यादा खराब है।

राजस्थान में मई का महीने में तेज गर्मी के बीच जल संकट की स्थिति पैदा होने लगी है। मरुधरा में तापमान 40 के पार भी नहीं पहुंचा कि पानी की सप्लाई 5-7 दिन में महज एक बार हो रही है। जल संकट से राजस्थान के 11 शहर त्राहिमाम की स्थिति से जूझ रहे है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांवों का क्या हाल हो रहा होगा।
राजस्थान में मई-जून से पहले ही बिन पानी सब सूना सूना हो गया, क्योंकि यहां जल संकट से गांव ही नहीं, बल्कि शहरों में त्राहिमाम मच गई है।
मरुधरा में तापमान 40 डिग्री के आसपास है, लेकिन 96 घंटे में एक बार पेयजल सप्लाई हो रही है। तेज गर्मी के बीच 11 शहरी कस्बों में जन स्वास्थ्यत अभियांत्रिकी विभाग 4 दिन में सिर्फ एक बार ही पानी की सप्लाई कर रहा है, जिस कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
जलदाय विभाग के शहरी चीफ इंजीनियर राकेश लुहाडिया का कहना है कि इन कस्बों में टेंकर के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है। आम लोगों से अपील है कि गर्मियों में पानी सदुपयोग करें, ताकि जल संकट की स्थिति से निपट सके।
बाड़मेर के सिवाना, बालोतरा, जालौर के भीनमाल, सीकर के श्रीमाधोपुर, नागौर के मकराना और बोरावड़, दौसा के बसवा, बांदीकुई, दौसा कस्बे, राजसमंद के देवगढ़ और आमेट में 96 घंटे में 1 बार पानी का सप्लाई हो रहा है। अभी जून का महीना बाकी है, ऐसे में राजस्थान में जल संकट को लेकर और स्थिति खराब होने वाली है।
जयपुर से 90 किलोमीटर दूर विराटनगर की तस्वीर भी कुछ इसी तरह के पानी के संकट को बंया कर रही है। जहां कुएं है, घरों में पानी के कनेक्शन है, लेकिन पानी नहीं। लोगों को दूर दराज के इलाकों से पानी भरकर लाना पडता है।
इसके अलावा हमीरगढ, गंगापुर, नीमज, डीडवाना, मेड़ता सिटी, बासनी, खेडली, बहादुरपुर, कांमा, सादड़ी, बाडमेर, सम्दडी में भी 72 घंटे के भीतर सिर्फ एक बार सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा 110 कस्बों में 48 घंटे में पेयजल सप्लाई हो रही. पिछले साल में इन इलाकों में कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी।












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