एक साथ पांच घोड़ों पर कमांड करती है कीर्ति यादव, हाथ टूटा फिर भी नहीं छोड़ी घुड़सवारी
जयपुर। मिलिए इनसे। ये है कीर्ति यादव। कॉलेज छात्रा है। कमाल की घुड़सवार भी। घुड़सवारी में कीर्ति की काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि ये एक साथ पांच घोड़ों को कमांड करती है। राजस्थान के टोंक जिले में स्थित वनस्थली विद्यापीठ में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा कीर्ति यादव का घुड़सवारी की कला में महारत हासिल की कहानी बेहद रोचक और प्रेरणादायी है।

बीए प्रथम वर्ष में सीखना शुरू की घुड़सवारी
मीडिया से बातची में कीर्ति ने बताया कि उसकी दो बड़ी बहनों को अक्सर घुड़सवारी करते देख उसके भी मन में ख्याल आया कि वह भी एक बेहतरीन घुड़सवार बनेगी, लेकिन राह आसान नहीं थी। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई के दौरान पहली बार घुड़सवारी की तो सारा जुनून धराशायी हो गया। घुड़सवारी के दौरान नीचे गिरने से हाथ टूट गया, मगर पिता हीरालाल और माता प्रसन्न देवी ने हौसला नहीं टूटने दिया।
उस वक्त तो चिकित्सकों ने घुड़सवारी से हमेशा दूर रहने की सलाह दी, मगर कीर्ति का जुनून और परिजनों का साथ उसे एक माह बाद ही फिर से घुड़सवारी के लिए तैयार कर दिया। अब नतीजा हम सबके सामने है। शुरुआत में एक और दो-तीन करके घुड़सवारी के हर दांव पेच सीखे। वर्तमान में एक साथ पांच घोड़ों को कमांड करती हैं।
दीक्षांत समारोह में दिखाया हुनर
पिछले साल कॉलेज का दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी शिरकत की। समारोह में कीर्ति में एक साथ पांच घोड़ों पर सवारी करके हुनर दिखाया। कीर्ति अपनी घुड़सवारी का श्रेय घुड़सवारी में कोच दोनों बड़ी बहनों गायत्री व पूनम को देती है।












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