Amarnath Cloudburst : बादल फटने के बाद लोगों को बचाते-बचाते राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड CI भी बहे
श्रीगंगानगर, 9 जुलाई। अमरनाथ यात्रा 2022 के दौरान 8 जुलाई को बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के पास बादल फटने से 16 की श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें राजस्थान के भी श्रद्धालू शामिल हैं। एक शव की शिनाख्त राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड सीआई सुशील खत्री और दूसरे की उनकी महिला समधन सुनीता वधवा के रूप में हुई है। खत्री नौ दिन पहले ही रिटायर हुए थे।

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमरनाथ गुफा के नजदीक बादल फटने के बाद अचानक पानी का सैलाब आया और रास्ते में सब कुछ बहा ले गया। यात्रियों के टैंट, लंगर तक नहीं बचे। इसी दौरान अपने जत्थे के साथ वहां मौजूद राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड सीआई सुशील खत्री अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने में जुट गए और खुद भी बह गए।

केसरीसिंहपुर पुलिस थाने के इंचार्ज पद से रिटायर हुए थे खत्री
बता दें कि मूलरूप से बीकानेर के रहने वाले 61 वर्षीय सुनील खत्री राजस्थान पुलिस में सीआई थी। 30 जून 2022 को श्रीगंगानगर जिले के केसरीसिंहपुर पुलिस थाने के इंचार्ज पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद वे तीन जुलाई को पत्नी, बेटे, बेटी की सास सुनीता वधवा, सुनीता के पति कपड़ा व्यवसायी मोहनलाल वधवा आदि के साथ अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए थे। शुक्रवार को श्रीगंगानगर के इन लोगों का जत्थ बाबा अमरनाथ की गुफा के नजदीक पहुंच गया था। इसी दौरान वहां बादल फटने की घटना हो गई, जिसमें सुनील खत्री व सुनीता वधवा की मौत हो गई।

तीन जुलाई को रवाना हुए थे श्रीगंगानगर के श्रद्धालू
मीडिया से बातचीत में श्रीगंगानगर की अमरनाथ लंगर सेवा समिति के अध्यक्ष नवनीत शर्मा ने बताया कि श्रीगंगानगर से अमरनाथ यात्रियों का जत्था तीन जुलाई को रवाना हुआ था। बाबा बर्फानी की गुफा के पास पहुंचने के बाद यात्रियों ने लंगर में विश्राम किया। सभी ने कैंप में खाना खाया। पालकी में बैठकर अमरनाथ गुफा में दर्शन करके आए। सुनीता वधवा को एक दो बार ऑक्सीजन की भी जरूरत पड़ी। नीचे लौटने के दौरान अचानक बादल फटा और उनके कैंप में ठहरे कई लोग बह गए।

श्रीगंगानगर में कई बार टीआई
बता दें कि सर्किल अफसर सुनील खत्री श्रीगंगानगर में बेहतरीन पुलिसिंग के लिए जाने जाते थे। इनके पास श्रीगंगानगर शहर में ट्रैफिक पुलिस थाना इंचार्ज की जिम्मेदारी कई बार रही। टीआई रहते हुए सुनील खत्री ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई खास कदम उठाए। ट्रैफिक पुलिस थाना के पास कोडा चौक पर अक्सर लगने वाले जाम से निजात दिलाने का श्रेय भी इन्हीं को जाता है।

केसरीसिंहपुर के थाना इंचार्ज रहे थे खत्री
खत्री श्रीगंगानगर जिले में केसरीसिंहपुर थाने के इंचार्ज रह चुके हैं। ट्रैफिक थाना में भी उन्होंने इंचार्ज के तौर पर काम किया। श्रीगंगानगर में सेवाएं देने के दौरान उनकी छवि एक दबंग अधिकारी की रही है। खत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान अनुशासन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी।

राजस्थान के कई श्रद्धालु फंसे
बता दें कि 8 जुलाई की शाम को अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना से 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 26 लोगों को बचाया जा चुका है और 40 अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय सेना के एमआई17 हेलिकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सुनीता वधवा के पति भी लापता
खबर है कि श्रीगंगानगर की सुनीता वधवा के पति व सीआई सुनील खत्री के समधी मोहनलाल वधवा भी लापता बताए जा रहे हैं। इनके अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों से अमरयात्रा 2022 पर सैकड़ों यात्रियों से उनके परिजनों का सम्पर्क नहीं हो पा रहा। परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।












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