Agniveer Jitendra: कौन था अग्निवीर जितेंद्र राजपूत, जो आतंकियों से शेर की तरह लड़कर पहली पोस्टिंग में हुआ शहीद
Agniveer Shaheed Jitendra Singh Alwar: राजस्थान में एक बहादुर बेटे जितेंद्र सिंह राजपूत को खो दिया। जितेंद्र सिंह भारतीय सेना में अग्निवीर था, जो जम्मू कश्मीर के बांदीपुर आतंकियों से शेर की तरह लड़ते हुए शहीद हुआ।
23 वर्षीय जितेद्र सिंह राजपूत राजस्थान के अलवर जिले के रैणी इलाके के गांव नवलपुरा का रहने वाला था। साल 2022 में अग्निवीर सेना में भर्ती हुए जितेद्र सिंह को जम्मू कश्मीर में पहली बार पोस्टिंग मिली थी। इसी में वीरगति को प्राप्त हो गए।

अग्निवीर जितेद्र सिंह राजपूत की पार्थिव देह अलवर जिले के राजगढ़ पुलिस थाना इलाके के नवलपुरा-मोरोड कला गांव पहुंची तो उनके अंतिम दर्शन करने जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने जितेंद्र सिंह जिंदाबाद के नारों से आसमां गूंजा दिया।
जितेंद्र सिंह अभी अविवाहित थे। उनके शहादत की सूचना पर पूरे गांव में मातम पसर गया। हर कोई उनको अंतिम विदाई देने पहुंचा। सेना के अधिकारी तिरंगे में लिपटा जितेंद्र का पार्थिव शरीर लेकर उसके पैतृक गांव पहुंचे और परिजनों को तिरंगा दिया। बाद में अग्निवीर शहीद जितेंद्र की अंतिम शव यात्रा निकाली।
शहीद जितेंद्र सिंह राजपूत के भाई सुनील ने बताया कि उनको भाई को अग्निवीर बनने के बाद इसी साल पहली बार जम्मू कश्मीर में तैनात किया गया था। वहां के बांदीपुर जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें भाई शहीद हो गए। जितेन्द्र सिंह थ्री पैरा एसएफ के पद पर कार्यरत था।
उधर, राष्ट्रीय करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने भारतीय सेना के अन्य सैनिकों की तरह अग्निवीर की शहादत पर भी उनके परिजनों को शहीद पैकेज दिलवाने की मांग उठाई।












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