राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कप्पा वेरिएंट के केस, आंकड़ा पहुंचा 11, सरकार ने कही ये बात
नई दिल्ली, 14 जुलाई: कोरोना वायरस की दो लहर का सामना भारत कर चुका है। जिस वजह से देशभर में युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मिल रहे नए वेरिएंट के मरीज सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं। अब राजस्थान से नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक वहां पर कप्पा वैरिएंट के केस 11 हो गए हैं। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा कि ये वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है, फिर भी वो इस पर निगरानी कर रहे हैं।

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के मुताबिक प्रदेश में कप्पा वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या 11 हो गई है। जिसमें से 4 जयपुर और 4 अलवर में मिले हैं। इसके अलावा 2 मरीज बाड़मेर और एक भीलवाड़ा में पाया गया। जिस वजह से सरकार नए वेरिएंट के मामलों को ट्रैक कर रही है। साथ ही गहन जांच के लिए सैंपल लैब भेजे जा रहे। शर्मा ने लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने की अपील की है।
क्या कह रही केंद्र सरकार?
नीति आयोग के सदस्य (स्वस्थ) डॉ. वीके पॉल के मुताबिक कप्पा वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट जितना खतरनाक नहीं है। ये वेरिएंट बहुत कम तीव्रता का है। पहले भी फरवरी और मार्च में इसके कई केस देश में सामने आए थे। फिलहाल सरकार की ओर से कप्पा के केस की निगरानी की जा रही है। साथ ही कप्पा वेरिएंट के साइंटिफिक इफेक्ट और वैक्सीन प्रतिरक्षा पर नजर रखने की जरूरत है। वहीं कप्पा में दो वेरिएंट की पहचान की गई है, जो E484Q और L452R हैं। इसी वजह से इसको "डबल म्यूटेंट" कहा जाता है।












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