झारखंड में फट सकता है सियासी एटम बम ? राज्यपाल रमेश बैस कभी भी ले सकते हैं सोरेन सरकार पर फैसला
बैस ने कहा कि वह संवैधानिक पद पर हैं, कोई उनपर सवाल न उठायें,इस कारण से उन्होंने सेकेंड ओपिनियन मांगा है। जल्द ही कोई फैसला लिए जाने के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में पटाखें प्रतिबंधित हैं,लेकिन झार
Jharkhand Political Crisis झारखंड में सोरेन सरकार भले ही अभी काम कर रही है,लेकिन निकट भविष्य में इस राज्य में सियासी संकट फिर मंडरा सकता है। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस जब दीपावली मनाने अपने घर रायपुर पहुंचे,तो उन्होंने इशारों की इशारों में यह साफ़ कर दिया कि झारखंड के मामले में वह जल्द ही कोई फैसला ले सकते है।

दीपावली मनाने रमेश बैस छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित अपने घर लौटे,तो उन्होंने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान बड़ी बात कह दी। बैस ने कहा कि वह संवैधानिक पद पर हैं, कोई उनपर सवाल न उठायें,इस कारण से उन्होंने सेकेंड ओपिनियन मांगा है। जल्द ही कोई फैसला लिए जाने के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में पटाखें प्रतिबंधित हैं,लेकिन झारखंड में नहीं ,इसलिए हो सकता है कि कोई एक 'एटम बम' फट जाये।
मै संवैधानिक पद पर हूं,चाहता तो ...
रमेश बैस से अपने बयान में कहा कि मेरे ऊपर सोरेन सरकार के सहयोगियों ने झारखंड में सरकार को अस्थिर करने की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं अगर सरकार को अस्थिर करने की मेरी मंशा होती ,तो मैं चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर फैसला ले सकता था। मैं मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, मुझे संविधान की रक्षा करनी है। मै बदले की भावना या किसी को बदनाम करने की भावना के साथ कोई भी कार्रवाई करना नहीं चाहता।''
यह है मामला
गौरतलब है कि 25 अगस्त को लाभ के पद मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को विधानसभा सदस्यता से अयोग्य ठहराने की भाजपा की याचिका के बाद चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को अपना निर्णय भेजा था। हालांकि, चुनाव आयोग के निर्णय को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे थे कि खनन पट्टे के मामले में आयोग ने एक विधायक के रूप में सीएम को अयोग्य ठहराने की सिफारिश की है।
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