खूबचंद बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए सीएम भूपेश, प्रतिमा पर माल्यार्पण करके दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को राजधानी रायपुर में आयोजित डॉ. खूबचंद बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए।
रायपुर 19 जुलाई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को राजधानी रायपुर में आयोजित डॉ. खूबचंद बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ.खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को जगाने और संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले अग्रणी नेता थे। खूबचन्द बघेल ने छत्तीसगढ़ के खान पान, रहन-सहन, बोली, भाषा को ऊपर उठाने में हमारे जिन महापुरुषों ने योगदान दिया और जीवनभर किसानों, आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए संघर्ष किया।

डॉ. खूबचंद बघेल जयंती समारोह का आयोजन फूल चौक स्थित व्यावसायिक परिसर में किया गया।इस जिसमे सीएम भूपेश में डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, महापौर रायपुर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष चोवाराम वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा सहित समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
सीएम भूपेश ने कहा कि डॉ. बघेल छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। उनकी गिनती छत्तीसगढ़ के पहली पंक्ति के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में होती है। यह ऐसे बिरले स्वतंत्रता सैनानी रहे, जिनकी मां और पत्नी तथा स्वयं उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल की यात्राएं की। उन्हें आगे कहा कि डॉ. बघेल एक अच्छे राजनेता रहे, उन्होंने विधायक, सांसद, संसदीय सचिव, नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए विधानसभा और लोकसभा में आम जनता की आवाज बुलंद की। खूबचन्द बघेल ने पंक्ति तोड़ो, नाता जोड़ो का नारा देकर समाज में व्याप्त विसंगतियों और कुरीतियों को दूर करने का काम किया ।
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए प्रथम आवाज डॉ. खूबचंद बघेल ने उठाई। समाज मे जिधर भी शोषण, अत्याचार हुए डॉ. साहब ने विरोध किया। उन्होंने सदैव आदिवासी, मजदूर, किसान वर्ग पर होने वाले अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाई।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पहले एकांकी लेखक थे। उन्होंने ऊंच-नीच, जनरैल सिंह, करम छड़हा जैसी कई रचनाएँ लिखी, उन्होंने नाटक और अभिनय भी किया। डॉ. बघेल एक अच्छे कृषक और चिकित्सक थे,उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में भी उन्होंने अपना योगदान दिया।मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार डॉ.खूबचंद बघेल के बताए मार्ग पर चलते हुए किसानों, आदिवासियों के उत्थान के लिए काम कर रही है। छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को जगाने और अपनी संस्कृति को नई पहचान दिलाने का काम कर रही है। हमारी संस्कृति से जुड़े हरेेली, तीजा जैसे त्यौहारों और गेड़ी, भौंरा जैसे खेलों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
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