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Chhattisgarh: सीएम भूपेश बघेल के घर गोवर्धन पूजा का उत्सव, भव्य तौर पर मना देवारी तिहार, देखिये तस्वीरें

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी आवास में दीपावली का त्यौहार यानि छत्तीसगढ़ की परंपरा अनुसार देवारी तिहार और गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी आवास में दीपावली का त्यौहार यानि छत्तीसगढ़ की परंपरा अनुसार देवारी तिहार और गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पारम्परिक तरीके से गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाया गया।

देवारी तिहार में नरवा गरवा घुरवा बारी की झलक

देवारी तिहार में नरवा गरवा घुरवा बारी की झलक

देवारी तिहार कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री निवास की साज-सज्जा, पारंपरिक ढंग से की गई थी। इसमें राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बॉड़ी को भी आकर्षक ढंग से दिखाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निवास परिसर में गौरी गौरा की पूजा कर गोवर्धन एवं देवारी तिहार का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी कई जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की सपरिवार पूजा

मुख्यमंत्री ने की सपरिवार पूजा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोवर्धन पूजा की परम्परा के मुताबिक ने गोवंश के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक पर्व पर गौ माता को अपने हाथों से खिचड़ी खिलाकर परंपरा का निर्वहन किया। कार्यक्रम में सीएम भूपेश ने अपनी धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के सदस्यों के साथ गौरा-गौरी और गोवर्धन पूजा की और गौमाता को खिचड़ी खिलाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।

सुआ नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध

सुआ नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने की परम्परा है। गायों को सजा-धजा कर उनकी पूजा कर खिचड़ी खिलाई जाती है और गोधन के रूप में अमूल्य चीजों के लिए श्रद्धा और आभार प्रकट किया जाता है। मुख्यमंत्री निवास परिसर में गोवर्धन एवं देवारी तिहार के अवसर पर महिला लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़िया वेशभूषा में मनमोहक सुआ नृत्य प्रस्तुत किया। जय मां सरस्वती समूह की महिलाओं ने सुआ नृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ज्ञात हो कि देवारी तिहार पर छत्तीसगढ़ के गांव गांव में सुआ नृत्य की परंपरा है।

सीएम ने लिया राउत नाचा का आनंद

सीएम ने लिया राउत नाचा का आनंद

छत्तीसगढ़ में यादव समाज के लोग गोवर्धन पूजा के दिन गावो और शहरों में राउत नाचा करते है। इस नृत्य में पशुधन की वृद्धि, फसल उत्पादन बढ़ाने की कामना के साथ ही सभी की मंगलकामना की जाती है। यादव समाज द्वारा राउत नाचा की शानदार प्रस्तुति पर मुख्यमंत्री अपने आप को नहीं रोक सके और राउत नाचा नर्तक दल के साथ वे भी पारंपरिक वेश भूषा में दल में शामिल हुए। उन्होंने गाड़ा बजा की धुन पर नर्तक दल के सदस्य के कदम से कदम मिलाकर राउत नाच में उनका साथ दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में इस अवसर पर लोक कलाकारों का प्रोत्साहन करते हुए रावत नाचा के बीच पारंपरिक हाना कहा।

जनता को दी शुभकामनाये

जनता को दी शुभकामनाये

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपना उद्बोधन पके दौरान सभी को देवरी, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, मातर अउ गौठान दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार छत्तीसगढ़ में दीपावली अच्छे से मनाई गई।दीपावली के कुछ दिन पहले 17 अक्टूबर को न्याय योजनाओं के अंतर्गत करीब 1900 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किसानों, पशुपालकों, स्व सहायता समूहों, भूमिहीन कृषि मजदूरों को किया गया था। इसके साथ ही कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी भी कर दी गई थी। इससे इस साल भी छत्तीसगढ़ में बहुत उत्साह से दीपावली मनाई गई है।

सुंदर लग रहा है सीएम हाउस

सुंदर लग रहा है सीएम हाउस

देवारी तिहार के लिए सीएम हाउस को धान की बालियां, आम पत्ता, गेंदा फूल से मुख्यमंत्री निवास का परिसर सजाया गया है। मुख्यद्वार को गेंदाफूल, आम पत्ते से सजाया गया है। मुख्यद्वार के ऊपर बंसी बजाते कृष्ण भगवान, द्वार के दोनों ओर लाठी लिए राउत नाचा करते पुरुषों का चित्र भी बहुत आकर्षक लग रहा है। अंदरद्वार पर दीप लिए हुए महिलाओं की प्रतिमा और राउत नाचा में पहने जाने वाले खुमरी और सजी हुई लाठियों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। परिसर में गौरा-गौरी पूजन स्थल पर धान की बालियों से कलश और विशेष कलाकृति बनाई गयी है।

ग्रामीण परिवेश की झलक

ग्रामीण परिवेश की झलक

कार्यक्रम स्थल को ग्रामीण परिवेश का स्वरूप दिया गया है, घर को भी नांगर (हल), गाड़ा चक्का, टुकनी, रापा, कुदारी, सिल-लोड़हा, खटिया, कांवर, तुलसी चौरा, कंडील (लालटेन) से सजाया गया है। दीवारों में पेड़-पौधे, तोता-मैना, सुआ नृत्य करती महिलाएं, उत्साह पूर्वक पटाखे फोड़ते बच्चे, गौरा-गौरी विसर्जन के लिए जाती हुई महिलाएं, राउत नाचा, गाय चराते और दूध दुहते ग्वाले को आकर्षक ढंग से चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बॉड़ी को भी आकर्षक ढंग से दिखाया गया है।

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