पंजाब: क्या पूर्व CM की मांग को पूरा कर पाएंगे कैप्टन या फिर बढ़ेगी कैप्टन और भट्ठल की दूरी ? पढ़िए पूरी ख़बर

पंजाब सरकार की ओर से जिला गुरदासपुर की तहसील बटाला को एक अलग जिला घोषित करने के मुद्दे पर कैप्टन सरकार का विरोध ख़त्म भी नहीं हुआ था कि एक और नया ज़िला बनाने की मांग उठने लगी है।

चंडीगढ़, सितंबर 11, 2021: पंजाब सरकार की ओर से जिला गुरदासपुर की तहसील बटाला को एक अलग जिला घोषित करने के मुद्दे पर कैप्टन सरकार का विरोध ख़त्म भी नहीं हुआ था कि एक और नया ज़िला बनाने की मांग उठने लगी है। पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस नेत्री राजिंद्र कौर भट्ठल ने राज्य के मुख्यमंत्री के सामने पंजाब के लहरागागा को जिला घोषित करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में भट्ठल ने कहा है कि पिछले विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ने लहरागागा को जिला बनाने का वायदा किया था, जोकि अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लहरागागा विधानसभा हलका होने के साथ ही कई मामलों में अहम है।

bhattal and captain

लहरागागा को ज़िला बनाने का मांग
राजिंद्र कौर भट्ठल पत्र में लिखा कि लहरागागा हलका नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की चरण छोह धरती है। इलाका हरियाणा के बॉर्डर के साथ होने की वजह से यहां के लोगों को आगे बढ़ने का मौक़ा कम मिलता है। इस इलाके का ज़यादेतर हिस्सा घग्गर नदी की जद मे है, जिसकी वजह से हर साल काफ़ी तबाही होती है। फसलों की बर्बादी की वजह से यहा के लोगों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज़्यादातर लोगों को काम के लिए संगरूर जाना पड़ता है। कई लोग आर्थिक हालात की वजह से वहां नहीं जा पाते हैं। इसलिए इस इलाके को जिला घोषित किया जाना बेहद ज़रूरी है।

बटाला को ज़िला बनाने का विरोध
ग़ौरतलब है कि इससे पहले बटाला को जिला बनाने के विरोध में गुरदासपुर के वकीलों ने व्यापार मंडल के सहयोग से शहर में रोष मार्च निकाला था। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट राकेश शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने की इसकी अध्यक्षता की थी। इस दौरान नगर काउंसिल के प्रधान एडवोकेट बलजीत सिंह पाहड़ा ख़ास तौर से शामिल हुए। रोष मार्च जिला कचहरी से शुरू होकर शहर के कई अलग अलग हिस्सों से होकर गुजरा। इस दौरान सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी हुई और धरना प्रदर्शन भी किया गया।

बार एसोसिएशन ने जताई नाराज़गी
गुरदासपुर बार एसोसिएशन के प्रधान राकेश शर्मा ने कहा कि जिला ऐतिहासिक जिला गुरदासपुर के साथ कई बार धोखा हो चुका है। पठानकोट और बटाला इस जिले की महत्वपूर्ण तहसीलें हुआ करती थी। इनमें से पठानकोट को गुरदासपुर से तोड़कर अलग जिला बना दिया गया। अब तहसील बटाला को भी गुरदासपुर से अलग किया जा रहा है। अफसोस की बात है कि राजनीति की वजह से ऐतिहासिक जिले के वजूद को ख़त्म किया जा रहा है। अगर बटाला ज़िला बनता है तो इससे सिर्फ़ वकील भाईचारे का ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि हर वर्ग के लोगों को परेशानी होगी।

सितंबर तक हड़ताल का फ़ैसला
राकेश शर्मा ने कहा कि जिला बार एसोसिएशन ने इसके विरोध में सितंबर तक हड़ताल करने का फैसला किया है और तब तक संघर्ष चलता रहेगा, जब तक सरकार द्वारा यह भरोसा नहीं मिल जाता कि गुरदासपुर जिले का मौजूदा स्वरूप बरकरार रखा जाएगा। वीरवार को डीसी कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। नगर कौंसिल के प्रधान एडवोकेट बलजीत सिंह पाहड़ा ने कहा कि जिला गुरदासपुर को तोड़ने की कोशिश बेहद निंदनीय है। यह सब कुछ एक साजिश के तहत किया जा रहा है।

CM कैप्टन अमरिंदर सिंह का जवाब
आपको बता दें कि पंजाब के CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बटाला को जिला घोषित करने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बटाला को ज़िला घोषित करने पर पहले से ही सलाह मशवरा किया जा रहा है। इसमें शामिल कई मसले पर मशवरा करने के बाद आख़री फैसला किया जाएगा। ग़ौरतलब है कि तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से बटाला को अलग ज़िला घोषित करने की मांग कर चुके हैं।

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