पंजाब: क्या टोटके के सहारे जीत दर्ज करेंगे प्रत्याशी, जानिए क्यों नतीजे से पहले हो रही ये तैयारी ?
पंजाब में हुए मतदान की गिनती 10 मार्च को होने वाली है। नतीजे घोषित होने से पहले ही उम्मीदवारों ने टोटके करने शुरू कर दिए हैं।
चंडीगढ़, 3 मार्च 2022। पंजाब में हुए मतदान की गिनती 10 मार्च को होने वाली है। नतीजे घोषित होने से पहले ही उम्मीदवारों ने टोटके करने शुरू कर दिए हैं। चुनाव परिणाम के बाद स्थिति साफ़ हो पाएगी कि किस प्रत्याशी को टोटके ने जीत दिलाई है। टोटके ने जीत दिलाई से कहने का मुराद है कि अभी जीत के लिए जो नेता टोटके का सहारा ले रहे हैं तो जीत के बाद यह ज़िक्र ज़रूर होगा कि जनता के समर्थन और टोटके के सहारे ही उन्हें जीत मिली है। पंजाब दी गल में आज हम आपको कुछ इसी तरह की ख़बरों से रूबरू करवाने जा रहे हैं।

जीत के जश्न की तैयारी में प्रत्याशी
पंजाब में नतीजे घोषित होने से पहले ही प्रत्याशी ख़ुद को विजेता मान बैठे हैं। टोटके के सहारे जीत दर्ज करने वाले नेताओं ने ज्योतिष की भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए जीत के जश्न की तैयारी में शुरू कर दी है। ग़ौरतलब है कि यह किसी एक दल के नेता नहीं बलकी अलग-अलग पार्टी के प्रत्याशी भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहे हैं। एक ओर चुनाव आयोग और प्रशासन मतगणना की तैयारियों में व्यस्त है। वहीं दूसरी ओर उम्मीदवारों ने अभी से ही जश्न की तैयारी करनी शुरू कर दी है। यह तो मतदान के नतीजे के बाद ही पता चलेगा की किसे कामयाबी मिली है, लेकिन जीतने वाले उम्मीदवारों की जीत में जनता के समर्थन के साथ-साथ टोटके का ज़िक्र भी ज़रूर होगा। आपको बता दें कि वोटिंग से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ़ से भैंस का बच्चा दान करने वाली बात और वोटिंग के दिन चरणजीत चन्नी के भदौड़ में गौशाला में गायों को खाना खिलाने वाली बात को भी पंजाब की जनता जीत के टोटके से जोड़ कर देख रही है।

सुर्खियों में ज्योतिष की भविष्यवाणी का मुद्दा
पंजाब में ज्योतिषी की भविष्यवाणी पर अमल करने का मुद्दा सुर्खियों में है। यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक प्रत्याशी ने ज्योषि की बात पर अमल करते हुए 10 मार्च तक सफेद कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ मतगणना के वक्त प्रत्याशी को एक सफेद फूल अपनी जेब में रखने की भी सलाह दी है। स्थानीय लोगों की मानें तो मुक्तसर के एक दर्ज़ी के पास क़रीब 30 से ज्यादा प्रत्याशियों ने फरवरी महीने में कपड़े सिलने दिए और 9 मार्च से पहले डिलिवरी करने पर जोर दिया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि मुक्तसर के एक दर्ज़ी नेताओं के कपड़े सिलने के लिए मशहूर हैं। दर्ज़ी ने प्रत्याशियों के नाम तो नहीं बताए हैं लेकिन 8 मार्च तक सिले हुए कपड़ों की डिलीवरी देने पर प्रत्याशियों की तरफ़ ख़ास ज़ोर दिया गया है।

दर्ज़ियों को दिन रात करनी पड़ रही सिलाई
बठिंडा ज़िले से दो कांग्रेस प्रत्याशियों ने भी कपड़े सिलवाने के लिए देते हुए मतगणना से पहले डिलिवर करने के लिए कहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो पंजाब के बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, फिरोजपुर, मानसा, फरीदकोट, मोगा और संगरूर से नेता कपड़े सिलने के लिए मुक्तसर पहुंच रहे हैं। क़रीब चार दर्जन उम्मीदवारों ने हाल ही नए कपड़े सिलवाए हैं। दर्ज़ियों को दिन रात कपड़े की सिलाई कर डिलीवरी देनी पड़ रही है। ज्योतिष की भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए बठिंडा जिले के शिअद उम्मीदवार ने भी अपने कार्यकर्ताओं को इकट्ठा कर जीत का जश्न मनाने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके साथ ही आतिशबाजी और गुलाल का भी इतज़ाम करने के लिए कहा है ताकि जीत दर्ज करने के बाद भव्य तरीक़े से जीत का जश्न मनाया जा सके। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं की मानें तो ज्योतिष ने प्रत्याशियों से यह बात कही है कि इस तरह करने से उनकी जीत सुनिश्चित हो सकती है।
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