पंजाब: PM की सुरक्षा एजेंसी या फिर चन्नी सरकार की ग़लती, विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद कैसे हुई चूक ?
पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
चंडीगढ़, 8 जनवरी 2022। पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पीएम मोदी के चूक मामले में तरह-तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं, वहीं अब यह भी बहस छिड़ी हुई है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ऐसी घटना की आशंका पहले ही जताई थी तो फिर चूक कैसे हुई ? जब कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था तो फिर उस तरह से सुरक्षा के इंतेज़ाम क्यों नहीं किए गए? ये पीएम मोदी की सुरक्षा एजेंसी से चूक हुई है या फिर चन्नी सरकार की तरफ़ से चूक हुई है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ तौर पर यह ज़िक्र किया था कि पीएम की रैली के दौरान विरोध प्रदर्शन हो सकता है।

हुसैनीवाला किसानों का गढ़
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जो अपनी रिपोर्ट में यह ज़िक्र किया था कि हुसैनीवाला से गुज़रते वक्त मुश्किलें पैदा हो सकती हैं क्योंकि वह किसानों का गढ़ है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के रिपोर्ट के मुताबिक यह ज़िक्र किया गया था कि भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी और केएमएससी सतनाम सिंह पन्नू का संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। उन्होंने पहले ही पीएम मोदी के फिरोजपुर दौरे का घेराव करने का ऐलान किया था। रिपोर्ट में यह भी लिखा गया था कि पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अभी कई किसान संगठन है। वहीं इंटेलिजेंसे ब्यूरो ने पंजाब सरकार को कट्टरपंथी सिख संगठनों को लेकर भी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि कट्टरपंथी सिख संगठन कई बार सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। वह भी रैली में प्रदर्शन कर सकते हैं।
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पाकिस्तान बॉर्डर के क़रीब था रैली स्थल
पंजाब सरकार को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने कहा था की पीएम मोदी की रैली जहां पर होने वाली है, वह पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत ही क़रीब है। इसको देखते हुए भी सतर्क रहने की ज़रूरत है, क्योंकि खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू स्थानीय युवाओं के सहारे माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है। ग़ौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को पंजाब सरकार ने पीएम की सुरक्षा में चूक मामले की रिपोर्ट भेज दी है। गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारि अचानक से ही रास्ते में आ गए थे। मामले में प्राथमिकि दर्ज कर ली गई है। दो सदस्यीय पैनल का भी गठन किया गया जो तीन दिनों के रिपोर्ट सौंप देगी। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और आलाअधिकारियों की बैठक के बाद केंद्गीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी गई थी।

CM चन्नी ने आरोपों को नकारा
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा करते हुए कहा कि पीएम मोदी की जान को कोई खतरा नहीं था। रैली स्थल पर भीड़ जमा नहीं होने की वजह से पीएम मोदी ने सुरक्षा में चूक का झूठा बहाना बनाते हुए रैली रद्द करवा दी। 70 हज़ार कुर्सियां लगाई गईं लेकिन रैली में सिर्फ़ 700 लोग मौजूद थे। पंजाबियों ने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के घमंडी नेताओं को सबक सिखाने का मन बना लिया है। भाजपा का यह फ्लॉप शो इसी का झलक था। उन्होंने कहा आरोप लगाया कि झूठे बहाने कर पंजाब को बदनाम करने और राज्य में लोकतंत्र की हत्या करने की पीएम मोदी ने एक बड़ी साजिश की। पीएम मोदी से प्रदर्शनकारी एक किलोमीटर दूर थे उनकी जान को खतरा कैसे हुआ। पीएम मोदी के काफिले के पास नारेबाज़ी तक नहीं हुई और उन्हें जान का ख़तरा हो गया।
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