यूक्रेन संकट का पंजाब में भी दिखने लगा असर, आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार
यूक्रेन संकट का असर अब पंजाब में भी दिखने लगा है। आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। इसकी ख़ास वजह आयात और निर्यात प्रभावित होना बताई जा रही है।
चंडीगढ़, 1मार्च 2022। यूक्रेन संकट का असर अब पंजाब में भी दिखने लगा है। आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। इसकी ख़ास वजह आयात और निर्यात प्रभावित होना बताई जा रही है। यूक्रेन संकट की वजह से व्यापार और ज़रूरी सामानों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यूक्रेन और रूस के युद्ध की वजह से पंजाब के निर्यातकों के चावल स्टॉक के दो दर्जन से ज़्यादा कंटेनर बीच में ही फंस गए हैं। चावल के कंटेनर आधे रास्ते में फंसने की वजह से निर्यातकों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

महंगाई के बोझ तले आम इंसान
पंजाब बाज़ार की बात की जाए तो महंगाई के बोझ तले आम इंसान दबता ही जा रहा है। सब्जी से लेकर तेल, प्रमुख किराना उत्पादों के साथ-साथ ज़रूरी चीज़ों के दामों में इज़ाफ़ा हो रहा है। पिछले एक हफ़्ते के दौरान इन सभी चीज़ों में 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट की मानें तो आयात निर्यात प्रभावित होने की वजह से मार्केट में ज़रूरी चीज़ों की कमी हो गई है इसी वजह से महंगाई बढ़ रही है। पंजाब के प्रमुख बासमती चावल निर्यातकों में एक अरविंदरपाल सिंह हैं। उन्होंने बताया कि बासमती चावल के कंटेनर हाल में ही यूक्रेन भेजा गया था। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के बंदरगाह पर युद्ध वाले दिन छह कंटेनर उतारे गये थे लेकिन अभी की स्थिति देखते हुए दूसरे रास्ते से दूसरे देशों में आधा दर्जन कंटेनरों को भेज दिया गया है। इस वजह से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। वहीं अपने हितों की रक्षा के लिए पंजाब राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इस मामले में केंद्र सरकार से तुरंत प्रभाव से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ज़रूरी चीज़ों के बढ़ रहे दाम
ओंकार गोयल ( अध्यक्ष, ऑल इंडिया रिटेलर्स फेडरेशन ) के मुताबिक मलेशिया और दूसरे मुल्कों से पाम तेल की आयात नहीं हो पा रही है। इसी वजह से रिफाइंड तेलों की खपत ज़्यादा हो रही है, माल की कमी होने की वजह से विभिन्न किस्मों की तेल की कीमतों में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। वहीं डिटर्जेंट पाउडर, कपड़े धोने और नहाने वाले साबुन की दरों में 20 फीसदी ज़्यादा वृद्धि देखी जा रही है। निर्यातकों के कंटेनर के बीच में ही फंस जाने की वजह से चावल, चीनी, गेहूं और आटे समेत किराने के सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। यही सबसे बड़ी वजह है कि यूक्रेन संकट की वजह से आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है।
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