पंजाब में अंबेडकर की मूर्ति गिराने के पीछे कौन? आरोपी गिरफ्तार,जानिए मामला
Punjab News: पंजाब के अमृतसर में गणतंत्र दिवस के दिन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर तोड़फोड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को मोगा जिले के धर्मकोट के रहवासी आकाशदीप सिंह (24) को अंबेडकर की मूर्ति में तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
यह घटना तब सामने आई जब आरोपी ने सीढ़ी लगाकर मूर्ति को हथौड़े से तोड़ने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद आरोपी की मां ने उसकी इस हरकत की निंदा की और कहा कि उनके परिवार के सदस्य अब उससे संपर्क में नहीं हैं।

कौन है आकाशदीप? क्या बोली आरोपी की मां
आकाशदीप का परिवार धर्मकोट कस्बे में रहता है। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते हैं, जबकि उसकी बहन मस्कट में काम करती है और दो छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं। आकाशदीप के परिवार के सदस्य यह बताते हैं कि वह तीन साल पहले दुबई गया था, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके, लेकिन घर लौटने के बाद उसने अपने रिश्तों को तोड़ लिया था।
आकाशदीप की मां आशा रानी ने कहा, "हमने उसे दुबई भेजा था, लेकिन वह अब हमसे संपर्क नहीं करता।" उन्होंने कहा कि आकाशदीप ने पिछले कुछ वर्षों में अपने बाल और दाढ़ी बढ़ा लिए थे, जो कि उनका एक अलग रूप है।
स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
ज्ञात हो कि आरोपी ने रविवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर अमृतसर में डॉ. अंबेडकर की मूर्ति पर सीढ़ी लगाकर चढ़ने की कोशिश की और हथौड़े से मूर्ति को तोड़ने का प्रयास किया। उसने कथित तौर पर संविधान की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आकाशदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
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घटना पर शुरू हुई सियासत, सीएम भगवंत मान ने दी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद पंजाब सरकार राजनीतिक दलों के निशाने पर आ गई है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार इस मामले में पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बावजूद पंजाब सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सांसद गुरजीत औजला ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान निर्माता की मूर्ति को नुकसान पहुंचाना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की पूरी जांच करें और दोषियों को गिरफ्तार करें।
दलित समुदाय ने जताया कड़ा विरोध
इस घटना के बाद दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है और राज्य सरकार को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर करती है।












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