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सिद्धू ही करेंगे पंजाब कांग्रेस की 'कप्तानी', इस तरह बनी आलाकमान के साथ सहमति

नवजोत सिंह सिद्धू ने अभी इस्तीफ़ा वापस नहीं लिया है लेकिन पार्टी आलाकमान के साथ उनकी सहमति हो गई है। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।

चंडीगढ़, अक्टूबर 7, 2021। पंजाब कांग्रेस में मच सियासी घमासान पर वीराम लगाने की पांर्टी आलाकमान पुरजोर कोशिश कर रही है। चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने से कलह कम तो हुआ लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफ़े से सियासी समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे थे। वहीं सूत्रों के हवाले यह ख़बर आ रही है कि सिद्धू को इस्तीफ़े का नामंज़ूर कर दिया गया है। नवजोत सिंह सिद्धू ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। ग़ौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अभी इस्तीफ़ा वापस नहीं लिया है लेकिन पार्टी आलाकमान के साथ उनकी सहमति हो गई है। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।

सियासी ज़मीन मज़बूत कर रहे सिद्धू

सियासी ज़मीन मज़बूत कर रहे सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू और पार्टी आलाकमान के बीच सहमति दर्ज करवाने में कैबिनेट मंत्री परगट सिंह और पार्टी पर्यवेक्षक हरीश चौधरी ने अहम किरदार निभाया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के संशय ख़त्म होने के बाद अब नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी की सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुट चुके हैं। आज उनके नेतृत्व में कांग्रेस का काफ़िला लखीमपुर खीरी के लिए कूच करेगा। बताया जा रहा है कि परगट सिंह लगातार इस कोशिश में लगे हुए थे किसी तरह मसले का हल निकले और सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहे। परगट सिंह अपने मक़सद में कामयाब हुए। इसके बाद ही बुधवार को पंजाब भवन में लखीमपुर खीरी रवाना होने के लिए काफ़ी देर तक बैठक चली। इसमे नवजोत सिंह सिद्धू, हरीश चौधरी, कृष्णा अल्लावारी, परगट सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। यह भी क़यास लगाए जा रहे हैं कि सिद्धू का मुद्दा हल होने के साथ ही रजिया सुल्ताना के इस्तीफा भी खारिज किया जा सकता है। क्योंकि सिद्धू के समर्थन में रजिया सुल्ताना ने भी कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

'सिद्धू ही करेंगे कप्तानी'

'सिद्धू ही करेंगे कप्तानी'

सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि नवजोत सिंह सिद्धू इस वजह से भी अपने तेवर को कम कर दिया क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने उनका विकल्प ढूढना शुरू कर दिया था। कांग्रेस आलाकमान ने ये इशारा भी दे दिया था कि अगर सिद्धू अपना इस्तीफ़ा वापस नहीं लिया तो जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष कि नियुक्ति कर दी जाएगी। बहरहाल अब सिद्धू और आलाकमान के बीच सहमती बन्ने के बाद ही लखीमपुर खीरी रवाना होने के मुद्दे पर बैठक हुइ। राजनीतिक सलाहकारों का मानना है कि राहुल गांधी और सीएम चन्नी के लखीमपुर दौरे से भी सिद्धू पर दबाव पड़ा है। इसलिए सिद्धू ने सक्रियता बढ़ा दी है अगर वह ऐसा नहीं करते तो उन्हें साइडलाइन किया जा सकता है।

परगट सिंह ने किया दावा

परगट सिंह ने किया दावा

परगट सिंह ने दावा किया है कि काफिले में शामिल गाड़ियों की तादाद देखकर उत्तर प्रदेश सरकार की नींद उड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि क़रीब 10 हज़ार गाड़ियां उत्तर प्रेदश के लिए रवाना की जाएंगे। नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी के सभी मंत्रियों और विधायकों को 10:30 बजे चंडीगढ़ के जीरकपुर में मौजूद रहने के लिए कहा है। दोपहर 12 बजे काफिला उत्तर प्रदेश के लिए कूच करेगा। ग़ौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने इससे पहले ने ट्वीट कर लखीमपुर खीरी जाने की बात कही थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि किसानों की लड़ाई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी से ख़त्म नहीं होगी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जल्द गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो लखीमपुर खीरी तक पंजाब कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। आपको बता दें नवजोत सिंह सिद्धू लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में सोमवार को चंडीगढ़ में राजभवन के बाहर अपने समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठे थे।


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