शिरोमणि अकाली दल संयुक्त अब भीम सेना के सहारे पंजाब के चुनावी रण में करेगी सेंधमारी !
दोआबा क्षेत्र में भीम सेना का जनाधार काफ़ी अच्छा माना जाता है। वहीं बहुजन समाज पार्टी से नाराज़ नेताओं का झुकाव भीम सेना के लिए है। ग़ौरतलब है पहले आम आदमी पार्टी के साथ अकाली दल संयुक्त की गठबंधन की चर्चाएं थीं।
चंडीगढ़, अगस्त 11 2021। पंजाब 2022 चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टी कमर कस चुकी है। जोड़-तोड़ की राजनीति चरम सीमा पर है, वहीं सत्ता पाने के लिए हर राजनीतिक पार्टी एक दूसरे से गठबंधन भी कर रही है। शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ कर बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है। इसी कड़ी में शिरोमणि अकाली दल(संयुक्त) अब भीम सेना के साथ गठबंधन करने जा रही है। इस बात का एलान आज प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान अकाली दल संयुक्त के प्रधान सुखदेव सिंह ढींडसा और भीम सेना के प्रधान चंद्रशेखर ने किया है।

दोआबा क्षेत्र में भीम सेना का जनाधार काफ़ी अच्छा माना जाता है। वहीं बहुजन समाज पार्टी से नाराज़ नेताओं का झुकाव भीम सेना के लिए है। ग़ौरतलब है पहले आम आदमी पार्टी के साथ अकाली दल संयुक्त की गठबंधन की चर्चाएं थी, लेकिन आम आदमी पार्टी, अकाली दल संयुक्त के साथ गठबंधन के लिए राज़ी नहीं हुई। आम आदमी पार्टी सुखदेव सिंह ढींडसा को पार्टी में शामिल करना चाहती थी। लेकिन ढींडसा आम आदमी पार्टी में शामिल नहीं हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुखदेव सिंह ढींडसा ने कहा कि लोगों की ख्वाहिश थी कि एक सांझा फ्रंट बने। इसलिए हमने आज इसकी नींव रख दी है। साथ ही उन्होंने बलवंत सिंह रामूवालिया से भी अपील करते हुए कहा कि वह उनके साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि वह लोगों की मर्ज़ी के मुताबिक सरकार बनाना चाहते हैं।
विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए सुखदेव सिंह ढींडसा ने कहा कि लोग अकाली दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी से ऊब चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पार्टी के पास पैसों की कमी नहीं है। ये सब राजनीतिक पार्टियां टेलीविजन पर प्रचार-प्रसार कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। हम आपके लिए सिद्धांतों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सुखदेव सिंड ढींडसा ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि संसद एक दिन भी ढंग से नहीं चल सकी। इसके लिए यह सभी राजनीतिक दल ज़िम्मेदार हैं। संसद में किसानों की बात नहीं उठाई गई। वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में बादल परिवार पर आरोप लगाते हुए रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि बादल परिवार ने पंजाब की अर्थव्यवस्था चौपट की है।
आपको बता दें कि पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र 17 मई 2021 को नई सियासी पार्टी का गठन किया गया। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) डेमोक्रेटिक और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) टकसाली का विलय होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) संयुक्त का गठन किया गया था।












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