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Punjab Revenue Growth: AAP सरकार के दौर में टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल, जानिए पूरे आंकड़े

पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में राज्य ने राजस्व संग्रह में शानदार प्रगति दर्ज की है, जिसके कारण यह देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हो गया है। वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वित्तीय अनुशासन, संरचनात्मक सुधारों और पारदर्शी प्रशासन के दम पर राज्य की वित्तीय स्थिति में मजबूत सुधार हुआ है।

Punjab Revenue Growth

चीमा ने प्रमुख आंकड़ों के जरिए उपलब्धियां गिनाईं:

  • - स्वयं का कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में यह 37,327 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 6.39%) था, जो 2024-25 में बढ़कर 57,919 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 7.15%) हो गया।
  • - आबकारी राजस्व में चार वर्षों से भी कम समय में 86.77 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अकाली-भाजपा सरकार के पांच वर्षों में कुल 20,545 करोड़ रुपये (वार्षिक औसत 4,109 करोड़) और कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 27,395 करोड़ रुपये (वार्षिक औसत 5,479 करोड़) की प्राप्ति हुई थी। वहीं, आप सरकार ने जनवरी 2026 तक ही 37,975 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व जुटा लिया है, जिसकी वार्षिक औसत 9,907 करोड़ रुपये है-यानी पिछली सरकारों की तुलना में लगभग दोगुना। 2021-22 में 6,157 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में यह 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। जीएसडीपी के प्रतिशत में भी यह 1.05% से बढ़कर 1.28% हो गया।
  • - आप सरकार के चार वर्षों में आबकारी प्राप्ति ने कांग्रेस और अकाली-भाजपा की पांच-पांच वर्षों की कुल प्राप्ति को पार कर लिया है।
  • - जीएसटी राजस्व में भी मजबूत प्रदर्शन रहा। पिछली कांग्रेस सरकार को जीएसटी मुआवजे पर अधिक निर्भरता थी और पांच वर्षों में कुल 61,286 करोड़ रुपये (वार्षिक औसत 12,257 करोड़) प्राप्त हुए। आप सरकार ने जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये जुटाए हैं (वार्षिक औसत 21,845 करोड़)। 2021-22 में 15,542 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 26,500 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है-कुल मिलाकर 70.50 प्रतिशत की वृद्धि।
  • - स्टांप ड्यूटी राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। अकाली-भाजपा (2012-17) ने कुल 12,387 करोड़ (औसत 2,477 करोड़) और कांग्रेस (2017-22) ने 12,469 करोड़ (औसत 2,494 करोड़) जुटाए। आप सरकार ने जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये प्राप्त किए (औसत 5,091 करोड़)-यानी चार वर्षों में पिछली सरकारों के पांच वर्षों से 60% अधिक। इस रफ्तार से 2026-27 तक कांग्रेस काल के कुल राजस्व से दोगुना होने की संभावना है।

केंद्रीय अनुदान और जीएसटी मुआवजे में 62 प्रतिशत की भारी गिरावट (कांग्रेस काल में 72,340 करोड़ बनाम आप सरकार में जनवरी 2026 तक 27,832 करोड़) के बावजूद ये उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

विरासत में मिले लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बावजूद कर्ज-जीएसडीपी अनुपात 48.25% से घटकर 44.47% हो गया है। चीमा ने कहा कि नए कर्ज का बड़ा हिस्सा पुरानी देनदारियों और ब्याज चुकाने में जाता है, फिर भी विकास पर फोकस बरकरार है।

पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि हुई-अकाली-भाजपा ने 14,641 करोड़, कांग्रेस ने 19,356 करोड़ खर्च किए, जबकि आप सरकार 31,630 करोड़ खर्च करने जा रही है।

सरकार ने वित्तीय सुरक्षा के लिए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्पशन फंड में निवेश बढ़ाया-2022 में 3,027 करोड़ से बढ़कर दिसंबर 2025 में कुल 11,720 करोड़ (287% वृद्धि) हो गया।

इसके अलावा, डिजिटल सुधारों जैसे पेंशन सेवा पोर्टल, ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम और एसएनए-स्पर्श पहल से पारदर्शिता बढ़ी है, जिसके तहत 800 करोड़ से अधिक प्रोत्साहन मिला।

चीमा ने जोर दिया कि ये सुधार राज्य की वित्तीय सेहत को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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