पंजाब सरकार प्रीमियम लीची को करेगी निर्यात, किसानों की बढ़ेगी आय
Punjab litchi export: पठानकोट पंजाब के लीची उत्पादन में 60 फीसदी योगदान देता है, जिससे पंजाब राज्य में लीची का शीर्ष उत्पादक बन गया है। वहीं अब पंजाब सरकार पठानकोट जिले से प्रीमियम लीची को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और भूजल पर उनकी निर्भरता कम करना है।
लीची के निर्यात संबंधी इस योजना को बढ़ावा और सपेार्ट करने के लिए बागवानी मंत्री ने अपने वेतन से 1 लाख रुपए दान किए हैं।

मंत्री ने बताया लीची की पहली खेप जल्द ही विदेश भेजी जाएगी, जिससे पठानकोट के किसानों और उत्पादकों को अधिक लाभ मिलने का वादा किया गया है। सरकार लीची उत्पादन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है।
3,900 हेक्टेयर भूमि पर होती है लीची की खेती
पंजाब में लगभग 3,900 हेक्टेयर भूमि लीची की खेती के लिए समर्पित है, जिसमें से 2,200 हेक्टेयर पठानकोट जिले में स्थित है। जिले में लीची की खेती बढ़ रही है क्योंकि हर साल नए बाग लगाए जा रहे हैं। इस वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए, सुजानपुर में एक लीची एस्टेट स्थापित किया गया है, जो किसानों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता है।
सरकार रेशमकीट पालकों को तकनीकी सहायता और वित्तीय सब्सिडी देती है और मशरूम की खेती जैसे सहायक व्यवसायों को प्रोत्साहित करती है। बागवानी विभाग किसानों को सहायता देने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू करता है, जिसमें पैकेजिंग सामग्री, प्लास्टिक क्रेट, पॉली हाउस संरचना और ड्रिप सिस्टम के लिए सब्सिडी शामिल है।
प्रदर्शनियां और पुरस्कार
हाल ही में सुजानपुर के लीची एस्टेट में राज्य स्तरीय लीची प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में लीची की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ किस्मों का चुना गया और उन्हें बागवानी मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान लीची और रेशम उत्पादन से जुड़े प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया।












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