एक-दूजे से जुड़े भाई सोहना और मोहना ने डाला वोट, वोट को सीक्रेट रखने के लिए चुनाव आयोग ने अपनाया ये तरीका
एक-दूजे से जुड़े भाई सोहना और मोहना ने डाला वोट, वोट को सीक्रेट रखने के लिए चुनाव आयोग ने अपनाया ये तरीका
अमृतसर, 20 फरवरी: पंजाब में आज विधानसभा चुनाव-2022 के लिए वोटिंग की जा रही है। इसी बीच पंजाब के अमृतसर के रहने वाले संयुक्त जुड़वां बच्चों सोहना और मोहना ने अमृतसर के मनावाला में मतदान केंद्र संख्या 101 पर अपना वोट डाला है। पीआरओ गौरव कुमार ने कहा, ''यह एक बहुत ही अनोखा मामला है। चुनाव आयोग ने हमें उचित वीडियोग्राफी करने को कहा था। इसलिए हमने वीडियो भी बनाया है।''
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उन्होंने आगे कहा, ''दोनों भाई पीडब्ल्यूडी मतदाताओं के प्रतीक हैं। वे संयुक्त हैं लेकिन दो अलग-अलग मतदाता हैं। मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए आरओ ने उन्हें चश्मा देने की व्यवस्था की थी।''
वोट देने के बाद दोनों भाई सोहना और मोहना ने कहा, पहली बार मतदान करके बहुत अच्छा लग रहा है। नागरिकों को अपने मत का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।
सोहना-मोहना के नाम से मशहूर सोहन सिंह और मोहन सिंह पिछले साल 18 साल के हो गए। चुनाव आयोग द्वारा उन्हें दो मतदाता मानने का निर्णय लेने के बाद उन्हें दो मतदाता पहचान पत्र दिए गए।
जानें सोहना और मोहना के बारे में?
13 जून 2005 को जन्मे जुड़वा बच्चों को उनके जैविक माता-पिता ने दिल्ली के एक अस्पताल में छोड़ दिया था। जुड़वा बच्चों के दो दिल, दो जोड़ी हाथ, गुर्दे और रीढ़ की हड्डी है लेकिन एक ही जिगर, पित्ताशय, तिल्ली और एक जोड़ी पैर हैं। बाद में उन्हें एम्स में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें अलग करने का फैसला किया क्योंकि इससे एक की जान जा सकती थी। फिर उन्हें अमृतसर के पिंगलवाड़ा स्थित घर में शिफ्ट कर दिया गया।
बता दें कि जुड़वां भाई सोहना और मोहना को पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में काम करते हैं। वहां 19 वर्षीय सोहना को सरकारी नौकरी 2021 में मिली थी। 20 दिसंबर 2021 से सोहना ने पीएसपीसीएल में कम करना शुरू कर दिया था। सोहना ह मोहना के साथ पीएसपीसीएल में बिजली के उपकरणों की देखभाल करता है। सोहना-मोहना को आईटीआई से इलेक्ट्रीशियन डिप्लोमा पूरा करने के बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में नौकरी मिली थी।
नौकरी मिलने के बाद दोनों भाइयों ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा था, वह बहुत खुश हैं और पंजाब सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम पंजाब सरकार और पिंगलवाड़ा संस्थान को धन्यवाद देते हैं, जिसने हमें इस अवसर के लिए स्कूली शिक्षा दी।












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