पंजाब में महिलाओं को 1 हज़ार रुपये भत्ता नहीं देने पर गरमाई सियासत, वड़िंग ने पूछे ये सवाल
राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य सरकार ने जीएसटी के 24 प्रतिशत कलेक्शन को लेकर कुछ खास नहीं किया, क्योंकि यह राष्ट्र भर में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए दावे विवादों के घेरे में है।
चंडीगढ़, 2 अगस्त 2022: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा किए गए दावों पर सवाल खड़े किए हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारा है और जीएसटी कलेक्शन में भारी इजाफा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने वित्त मंत्री के जीएसटी कलेक्शन और राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार को लेकर किए गए दावों पर उनसे सवाल किया कि यदि वित्तीय हालत इतनी ही बेहतर है, तो क्यों आप पंजाब में सभी महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह भत्ता देना शुरू नहीं करते, जिसे लेकर आपने चुनावों से पहले वायदा किया था या फिर क्यों आप अध्यापकों पर लाठियां बरसाने की बजाय उन्हें नौकरियां नहीं देते? वड़िंग ने चीमा द्वारा बीते साल के मुकाबले इस साल विकास के साथ-साथ कलेक्शन में अंतर को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल किया।

राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य सरकार ने जीएसटी के 24 प्रतिशत कलेक्शन को लेकर कुछ खास नहीं किया, क्योंकि यह राष्ट्र भर में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए दावे विवादों के घेरे में हैं, क्योंकि यदि इन्हें सच भी मान लिया जाए, तो यह जीएसटी कलेक्शन में राष्ट्रीय स्तर पर आई ग्रोथ से बहुत कम है, जो इसी समय के दौरान 56 प्रतिशत रही है। चीमा द्वारा बीते साल के महीनों के साथ तुलना करने पर, उन्होंने कहा कि साल 2021 में अप्रैल, मई और जून के महीनों में कोरोना महामारी का बुरा दौर था, जब दूसरी लहर अपनी चरम सीमा पर थी और पंजाब सहित देशभर में सब कुछ थम गया था। ऐसे में साल 2022 के अप्रैल, मई, जून और जुलाई में जीएसटी की कलेक्शन की 2021 के इसी दौर से तुलना करना गलत होगा, जब कोरोना के चलते सब कुछ बंद हो चुका था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने वित्त मंत्री द्वारा नौकरियों के मोर्चे पर नौकरियों के लिए इश्तिहार जारी करने या फिर ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को रेगुलर करने संबंधी किए गए दावों की निंदा की। उन्होंने सरकार से कहा कि नौकरियों के लिए विज्ञापन जारी करने से हल नहीं होता और आप ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने से बार-बार पीछे हटे हो। जिसे लेकर उन्होंने नौकरियों की मांग कर रहे अध्यापकों पर लाठियां बरसाए जाने और धक्केशाही का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'मूंग' की खरीद संबंधी कार्यक्रम अभी पूरी तरह फेल साबित हुआ, क्योंकि सरकार द्वारा 10 प्रतिशत तक उपज भी नहीं खरीदी गई और किसानों को निजी खरीदारों को सस्ते में फसल बेचनी पड़ी।
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