Punjab Blackout Mock drill: पंजाब में 24 अप्रैल को क्यों होगा ब्लैकआउट? HM ने दिया आदेश
Punjab Blackout Mock drill: केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर पंजाब के अमृतसर और लुधियाना में 24 अप्रैल (शुक्रवार) रात 8 बजे एक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित होगी। इसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा की तैयारियों का आकलन करना और देश को अप्रत्याशित इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है।
यह ड्रिल अमृतसर के पाइटेक्स ग्राउंड, रणजीत एवेन्यू तथा लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और अगर नगर पीएसपीसीएल डिवीजन के एरिया में होगी। ये मॉक ड्रिल शुक्रवार रात 8 बजे से 8:15 बजे तक चलेगा, जिसकी शुरुआत लगभग 7:55 बजे सायरन और सार्वजनिक घोषणाओं से होगी।

दी जाएगी हवाई हमले की चेतावनी
पंजाब की सहायक आयुक्त जनरल प्रगति सेठी और नागरिक सुरक्षा के अतिरिक्त नियंत्रक मनप्रीत सिंह रंधावा ने संबंधित विभागों संग बैठक की है। रात 8 बजे हवाई हमले की चेतावनी दी जाएगी, जिसके बाद बिजली विभाग बत्तियां बंद करेगा। नागरिकों से भी लाइटें बुझाकर सहयोग का अनुरोध है।
क्यों आयोजित की जा रही ब्लैकआउट मॉक ड्रिल?
यह ड्रिल दुश्मनों के हमलों सहित किसी भी खतरे के विरुद्ध नागरिक सुरक्षा की तैयारी को जांचने व मजबूत करने हेतु महत्वपूर्ण है। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन दल, जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी जैसी कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। आवश्यक सेवाएं इस दौरान जारी रहेंगी।
ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा?
मॉक ड्रिल में अग्निशमन, रेसक्यू और सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, घायलों का परिवहन तथा यातायात नियंत्रण जैसे प्रतीकात्मक पूर्वाभ्यास शामिल हैं। सिविल डिफेंस प्रशिक्षक हरजये खन्ना के अनुसार, अभ्यास पूरा होने पर दो मिनट तक लगातार बजने वाला 'ऑल क्लियर' सायरन इसकी समाप्ति का संकेत देगा।
पहलगाम हमले के बाद भी हुई थी ऐसे ही मॉक ड्रिल
पिछले साल भी गृह मंत्रालय के निर्देश पर पंजाब समेत अन्य राज्यों में ऐसे मॉक ड्रिल हुए थे। ये 'ऑपरेशन सिंदूर' (पहलगाम आतंकी हमले की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए) से ठीक पहले किए गए थे। पहलगाम हमले की आज एक साल की बरसी है।
मंत्रालय ने तब इन मॉक ड्रिल में हवाई हमले के चेतावनी सायरन का संचालन, शत्रुताओं के हमलों से बचाव हेतु नागरिकों को प्रशिक्षण, तथा बंकरों व खाइयों की सफाई जैसे उपाय शामिल बताए थे।
'ऑपरेशन शील्ड' के तहत भी हुई थी माॅक ड्रिल
'ऑपरेशन शील्ड' के तहत 31 मई को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित छह सीमावर्ती क्षेत्रों के सभी जिलों में मॉक ड्रिल हुए थे, जिनका लक्ष्य संभावित बाहरी खतरों के खिलाफ भारत की तैयारियों का आकलन व मजबूती देना था।












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