पंजाब के चुनावी रण में ताल ठोकने के लिए बाजवा तैयार, जानिए किस क्षेत्र से भरेंगे दम ?
पंजाब चुनाव के मद्देनज़र अब चुनावी रण में उतरने के लिए प्रत्याशी भी तैयारी में जुट चुके हैं। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने के लिए तैयार हैं।
चंडीगढ़, सितम्बर 2, 2021। पंजाब चुनाव के मद्देनज़र अब चुनावी रण में उतरने के लिए प्रत्याशी भी तैयारी में जुट चुके हैं। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने के लिए तैयार हैं। राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने गुरदासपुर के एक विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 'मैं घर वापस आना चाहता हूं और अगले विधानसभा चुनाव में गुरदासपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

बाजवा लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि चुनाव लड़ने की ख्वाहिश का इज़हार मैंने सबसे पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह से कर चुका हूं। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर से मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में से किसी एक क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। वहीं कांग्रेस में अंदरूनी कलह के मामले पर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है। 2022 में कांग्रेस मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। पंजाब में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर से सत्ता में आ रही है। ग़ौरतलब है कि हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रताप सिंह बाजवा के करीबी गुरिंदर सिंह चीकू को मार्केट कमेटी बटाला का चेयरमैन नियुक्त किया था।
कैप्टन की बाजवा ने की तारीफ़
राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर किसानों के सच्चे समर्थक हैं। पंजाब सरकार (कैप्टन अमरिंदर सिंह) ने हाल ही में गन्ना ख़रीदी मूल्य में इज़ाफ़ा कर किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि मैं पिछले साढ़े चार साल में कभी भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के घर नहीं गया लेकिन गन्ना किसानों की समस्या के लिए मैं उनके घर गया था। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हम लोग किसानों की वजह से ही पंजाब में खुशहाल जीवन बिता पा रहे हैं। इसलिए घाटा और मुनाफ़ा नहीं सोचते हुए गन्ने को ख़रीदने की कीमत बढ़ाएं।
गन्ना किसानों के लिए की CM से मुलाक़ात
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मैंने कहा था कि अगर हम किसानों को संतुष्ट करने में कामयाब नहीं हुए तो सिंधु बॉर्डर की तरह जालंधर के भी हालात हो जाएंगे। आपको बता दें कि प्रताप सिंह बाजवा पंजाब कांग्रेस की राजनीति में कद्दावर नेता माने जाते हैं। मतभेदों के काफ़ी अरसे बाद अब कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हाथ से हाथ मिलाकर राजनीति में सक्रिय़ हैं। उनके चुनाव लड़ने के ऐलान से पंजाब कांग्रेस में भी नए समीकरण उभने की उम्मीदें जताई जा रही हैं।
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