CM भगवंत मान की बहन की सहेली हैं डॉ. गुरप्रीत, चाचा ने कहा- प्यार से गुगु बुलाते हैं घरवाले
चंडीगढ़। भगवंत मान आज दूसरी बार दूल्हा बने। सीएम आवास में उन्होंने डॉ. गुरप्रीत कौर से ब्याह रचाया। डॉ. गुरप्रीत 32 साल की हैं। मुख्यमंत्री मान उम्र में उनसे 16 साल बड़े हैं। मान से उनकी शादी परिजनों की सहमति से हुई है। गुरप्रीत मान की बहन की सहेली रही हैं। घरवाले प्यार से उन्हें गुगु बुलाते हैं।

मान की बहन की सहेली हैं गुरप्रीत
गुरप्रीत के चाचा गुरिंद्रजीत ने कहा, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरप्रीत को पहली बार 2019 में मिले थे। तब वे संगरूर से सांसद थे। उनकी सिस्टर गुरप्रीत की दोस्त थी। तब से दोनों परिवारों में नजदीकियां बढ़ीं।'
वहीं, गुरप्रीत की एक सहेली की मानें तो भगवंत मान और गुरप्रीत का रिश्ता कुछ ही दिन पहले तय हुआ, क्योंकि पिता इंद्रजीत ने बेटी गुरप्रीत का रिश्ता कराने के लिए उनसे खुद बातचीत की थी।
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हरियाणा के पिहोवा की निवासी हैं
32 वर्षीय डॉ. गुरप्रीत कौर मूलत: हरियाणा के पिहोवा की निवासी हैं। उनका घर पिहोवा के वार्ड 5 स्थित तिलक कॉलोनी में है। गुरप्रीत के पिता इंद्रजीत के कुनबे के लोग पिहोवा में रहते हैं। पहले कांग्रेस और अब आम आदमी पार्टी के हो चुके गुरिंद्रजीत सिंह रिश्ते में उनके चाचा हैं। वहीं, गुरप्रीत उनके ताऊ की पोती है। गुरिंद्रजीत का कहना है कि गुरप्रीत को घर पर गुगु के नाम से पुकारते हैं। उनके भाई इंद्रजीत का परिवार मोहाली में है। गुरप्रीत भी मोहाली के फेज-7 में किराए के मकान में रही हैं।

कर चुकीं हैं एमबीबीएस की पढ़ाई
गुरप्रीत ने अंबाला के मुलाना मेडिकल कॉलेज से वर्ष 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। बताया जाता है कि, वह अंबाला के एक अस्पताल में काम कर चुकी हैं, और अब पंजाब के मोहाली के अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं।

पिता इंद्रजीत सिंह किसान हैं
गुरप्रीत के पिता इंद्रजीत सिंह किसान हैं और सरपंच रह चुके हैं। गुरप्रीत की बात करें तो हाल में वह भगवंत मान के सीएम पद के शपथ समारोह में भी दिखाई दी थीं। वहीं, भगवंत की मां हरपाल कौर की ख्वाहिश थी कि बेटा जल्द अपना घर बसा ले।

पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए मान
भगवंत मान 48 साल के हो चुके हैं, और उनका पहली पत्नी इंद्रजीत कौर से 2016 में तलाक हो गया था। बहरहाल, उनकी वो पत्नी और उसके दो बच्चे (बेटा-बेटी) अमेरिका में रहते हैं। आज मान दूसरी बार दूल्हा बने। इसी के साथ वह पंजाब के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री हो गए, जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की।












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