पंजाब: अनिल जोशी को टक्कर देंगे उनके ही क़रीबी दोस्त, BJP खेल सकती है इन चेहरों पर दांव
पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी के शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की अमृतसर उत्तरी विधानसभा हलका सीट खाली हो गई है। जोशी इसी हलके से दो बार विधायक रहे हैं और तीसरी बार वह चुनाव हार गए थे।
चंडीगढ़, अगस्त 31, 2021। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां जन संपर्क कर रही हैं और कुछ नेता भी शक्ति प्रदर्शन कर अपने हलके में चुनावी माहौल बना रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाग़ी मंत्री अनिल जोशी ने हाल ही में शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा। SAD में शामिल होते ही अनिल जोशी अपने हलके में सक्रिय हो गए हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अनिल जोशी का क़द कम करने के लिए उन्हीं के गुट पर दांव खेलने का मूड बना रही है।

जोशी को चुनौती देने के लिए तैयार
पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी के शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की अमृतसर उत्तरी विधानसभा हलका सीट खाली हो गई है। जोशी इसी हलके से दो बार विधायक रहे हैं और तीसरी बार वह चुनाव हार गए थे। भाजपा की तरफ से उत्तरी विधानसभा सीट पर अब उनका अपना ही 'पीपीएस' कोरम यानी पिटू, पप्पू, और सिक्का उन्हें चुनौती देने के लिए तैयार है। अनिल जोशी की यह तिगड़ी सुखमिदर सिंह पिटू, राजिंदर महाजन पप्पू और अनुज सिक्का पूरे शहर में काफ़ी मशहूर थी। ग़ौरतलब है कि तीनों ही नेता इस विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट के दावेदारों में शामिल हैं।
अनिल जोशी से थी नज़दीकीयां
विधानसभा चुनाव 2012 में पूरे शहर में पिटू, पप्पू औऱ सिक्का की नजदीकियां जगजाहिर रही। लेकिन पर 2017 का चुनाव आते आते अनिल जोशी की टूटनी शुरू हो गई। पप्पू और सिक्का ने अनिल जोशी का साथ छोड़ दिया लेकिन भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। वहीं उन दोनों को जोशी विरोधी खेमे ने संगठन में अच्छे पदों पर बैठाया। पिटू ने अनिल जोशी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलते रहे। अनिल जोशी के शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के बाद पिटू भी अनिल जोशी से किनारा कर लिया। इस दौरान कुछ ऐसी कहासुनी भी हुई थी जिस वजह से पिटू ने जोशी के सामने चुनाव में खड़े होने का मन बना लिया।
कौन होंगे टिकट के दावेदार ?
जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार तीनों ही नेताओं का अपना राजनीतिक अनुभव है। पिटू पार्षद रहे हैं और वर्तमान उनके माताजी उनकी वार्ड से पार्षद हैं। पार्षद चुनाव में उनकी लीड पंजाब में सबसे अधिक थी। सिक्का खुद पार्षद रहे हैं और उनकी पत्नी वर्तमान नगर निगम में विपक्षी दल नेत्री हैं। उन्होंने उस वार्ड को फतेह किया था, जिस पर लंबे समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा। पप्पू खुद भी पार्षद रहे हैं और उनकी पत्नी आजाद रूप से पार्षद रही हैं। तीनों ही नेता भारतीय जनता पार्टी संगठन अहम पदों पर है और राजनीतिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications