पंजाब के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, झमाझम बरसे बादलों से सड़कें हुईं पानी-पानी, फसलें डूबीं
मोगा। दिल्ली-पश्चिमी यूपी एवं हरियाणा के लोग जहां बिन बारिश गर्मी झेल रहे हैं, वहीं राजस्थान, पंजाब एवं हिमाचल के कुछ जिलों में मेघ जमकर बरसे हैं। पंजाब के पठानकोट, फरीदकोट, मोगा एवं होशियारपुर में मूसलाधार बारिश हुई। यहां तकरीबन ढाई घंटे तक झमाझम बूंदें बरसीं। जिससे सड़कें पानी-पानी हो गईं और निचले इलाकों में जल भराव हो गया। मोगा में रविवार को बूंदें बरसना शुरू हुई थीं जो कि सोमवार, दूसरे दिन दोपहर 12 बजे से फिर बरसने लगीं। यहां 14 एमएम बारिश दर्ज की गई, इससे पहले रविवार को भी 12 एमएम बारिश हुई थी।
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पंजाब में जून से ज्यादा बारिश हुई
तेज बारिश के चलते मोगा में नगर निगम के ड्रेनेज के सिस्टम फेल हो गए हैं और और गली-चौबारों में पानी भर गया है। राहगीरों को पानी में से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पता चला है कि, मोगा के गीता भवन चौक, डीएम कॉलेज रोड, रेलवे अंडर ब्रिज, सिविल लाइन, मेन बाजार, अमृतसर रोड, सोढ़ी नगर, हाकम का अगवाड़, बस्ती गोबिंदगढ़, शहीदी पार्क, कश्मीरी पार्क में बहुत बारिश हुई, जिससे इन इलाकों में पानी भर गया।

पठानकोट में 40.1 एमएम बारिश
हालांकि, ज्यादा बारिश पठानकोट में दर्ज की गई है। यहां बीते रोज तड़के साढ़े 3 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक लगातार 9 घंटे पानी बरसा। जिससे 40.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, जोकि जून से ज्यादा काफी ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। उज्ज दरिया का जल स्तर बढ़ने से बमियाल में गुज्जरों के डेरे डूबने लगे। वहीं, भारी बारिश के चलते जिले के चक्की, रावी और उज्ज दरिया उफान पर आ गए। अब पहाड़ों पर हरियाली छाने लगी है। वहीं, फरीदकोट जिले में 5 एमएम बारिश हुई है।

फसलों को नुकसान, लेकिन फायदा भी
पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश के चलते खेत-खलिहान पानी से ज्यादा भर गए हैं। दरिया में बाढ़ की स्थिति बनने से आस-पास के इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ। अकेले पठानकोट की बात की जा जाए तो 600 एकड़ में धानी की फसल पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि, पानी जल्दी नहीं उतरा हो पौध खराब हो जाएगी। वहीं, कुछ जिलेां के किसान बारिश को बड़ी राहत मान रहे हैं।












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