एग्ज़िट पोल ज़रा भी चूके तो जादुई नंबर के लिए किसकी कुंडी खटखटाएगी AAP? टेंशन भरे हैं सारे विकल्प
पंजाब में हुए मतदान का एक्ज़िट पोल आने के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राजनीतिक पार्टियों ने जोड़-तोड़ का आंकलन शुरू कर दिया है।
चंडीगढ़, 8 मार्च 2022: पंजाब में हुए मतदान का एक्ज़िट पोल आने के बाद से सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राजनीतिक पार्टियों ने जोड़-तोड़ का आंकलन शुरू कर दिया है, इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के आंकड़ों को देखते हुए यह चर्चाएं तेज़ हैं कि, अगर 'आप' जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई तो किसके साथ गठबंधन कर सत्ता पर क़ाबिज़ होगी ? एक्ज़िट पोल के नतीजे के बाद पंजाब के सियासी गलियारों में अटकलों का बाज़ार गर्म है तमाम तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं।

पंजाब में सत्ता पर संशय बरक़रार
पंजाब में सत्ता की चाभी किस सियासी दल के पास जाएगी इस पर संशय बरक़रार है, लेकिन एक्ज़िट पोल के नतीजे पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती हुई दिखा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि अगर आम आदमी पार्टी बहुमत से ज़रा सी भी चूकती है तो जादुई आंकड़े के लिए किसके साथ जाएगी ? आम आदमी पार्टी के पास गठबंधन के तीन विकल्प हैं, एक कांग्रेस, दूसरा शिरोमणि अकाली दल और तीसरा भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन। ग़ौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान शिरोमणि अकाली दल को ड्रग्स सहित कई मुद्दों पर पर घेरते रहे हैं तो अब शिअद से समर्थन कैसे मांगेंगे ? अगर उन्होंने शिअद से समर्थन ले भी लिया तो आम आदमी पार्टी को अपने बनाए हुए सिद्धांतों से समझौता करना पड़ेगा और जनता के बीच में इसका ग़लत संदेश भी जाएगा। इसलिए शिअद के साथ गठबंधन के आसार कम ही दिख रहे हैं।

कैप्टन-भाजपा गठबंधन से समर्थन लेना भी है विकल्प
आम आदमी पार्टी के पास दूसरे विकल्प के तौर कैप्टन-भाजपा गठबंधन से समर्थन लेना हो सकता है, लेकिन अगर उन्होंने भाजपा गठबंधन साथी से समर्थन ले लिया तो दिल्ली सहित दूसरे राज्यों में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती है। क्योंकि आम आदमी पार्टी पर पहले भी भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलीभगत होने के आरोप लगते रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर भी पेंच फंस सकता है। इस तरह से अगर देखा जाए तो दूसरी पार्टी से समर्थन लेने पर भी मुख्यमंत्री पद पर मतभेद देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी के लिए बहुमत लाना बड़ी चुनौती बन सकती है।

क्या कांग्रेस से समर्थन मांगेगी AAP ?
आम आदमी पार्टी दिल्ली में कांग्रेस का विरोध कर के ही सत्ता में आई थी। इसलिए पंजाब में कांग्रेस के साथ जाने की राह आसान नहीं लग रही है। हाल ही में पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और लहरागागा से कांग्रेस प्रत्याशी राजिंदर कौर भट्ठल ने यह बयान दिया था कि अगर ज़रूरत पड़ी तो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार बना सकते हैं। वहीं कांग्रेस ने इस बयान को उनका निजी बयान बताते हुए किनारा कर लिया था, इसके साथ ये भी कहा था कि कांग्रेस को किसी के साथ जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन एक्ज़िट पोल सर्वे के नतीजे आने के बाद समीकरण बदलते हुए नज़र आ रहे हैं। 'आप' के सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी को कांग्रेस के साथ जाने में कोई एतराज़ नहीं है, अगर गठबंधन की ज़रूरत पड़ी तो कांग्रेस सबसे बेहतर विकल्प है।
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