मूसेवाला हत्याकांड: SIT ने बताया कैसे रची गई थी हत्या की साजिश? अब तक 8 लोगों को किया अरेस्ट
नई दिल्ली, 07 जून: सिंगर और कांग्रेस नेता शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने अपने पहले आधिकारिक बयान में कहा कि जिस व्यक्ति ने फैन होने का नाटक किया और मूसेवाला के साथ एक सेल्फी ली, वह गायक के हत्यारों की मदद करने के लिए गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में शामिल है। सिद्धू मूसेवाला 29 मई को शाम लगभग 4:30 बजे दो लोगों - पड़ोसी गुरविंदर सिंह और चचेरे भाई गुरप्रीत सिंह के साथ अपने घर से निकले थे।

हत्या में ये लोग थे शामिल
पुलिस ने यह भी कहा कि उन्होंने चार शूटर्स की भी पहचान की है जो 28 वर्षीय कांग्रेस नेता की हत्या में शामिल थे। गिरफ्तार लोगों की पहचान हरियाणा के सिरसा के संदीप सिंह उर्फ केकड़ा ,, बठिंडा के तलवंडी साबो के मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना, फरीदकोट के मनप्रीत भाऊ, गांव डोडे कलसिया, अमृतसर के सरज मिंटू, तख्त-मॉल, हरियाणा के प्रभदीप सिद्धू उर्फ पब्बी,हरियाणा के सोनीपत में रेवली गांव के मोनू डागर, पवन बिश्नोई और नसीब, दोनों फतेहाबाद, हरियाणा के निवासी हैं।
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ऐसे मर्डर का प्लान किया गया था
गिरफ्तार व्यक्तियों की भूमिका का खुलासा करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रमोद बान ने कहा कि संदीप उर्फ केकड़ा ने खुद को मूसेवाला का फैन बताते हुए गोल्डी बराड़ और सचिन थापन के निर्देश पर सिंगर की गतिविधियों पर नजर रखी थी। उन्होंने कहा कि केकड़ा ने सिंगर के साथ सेल्फी भी ली, जब गायक अपनी हत्या से कुछ मिनट पहले घर से निकल रहा था। केकड़ा अपने एक दोस्त के साथ फैन बनकर मूसेवाला के घर गया था। उसने वहां चाय पी और बाद सेल्फी भी ली थी।

केकड़ा ने दी शूटर के घर से निकलने की जानकारी
एडीजीपी बान ने कहा, "केकड़ा ने शूटरों और विदेश में बैठे हैंडलर को सभी इनपुट साझा किए जैसे कि सिंगर के साथ उसके सुरक्षाकर्मी नहीं हैं, कितने लोग उसके साथ हैं, गाड़ी की जानकारी और वह बिना बुलेट प्रूफ कार महिंद्रा थार से आ रहा है। उन्होंने कहा कि मनप्रीत मन्ना ने मनप्रीत भाऊ को एक टोयोटा कोरोला कार दी थी। उसके बाद ये कार सरज मिंटू के निर्देश पर 2 लोगों को दी गई, जिन पर शूटर होने का संदेह है। सरज गोल्डी बरार और सचिन थापन का करीबी है।

मोनू डागर ने भेजे शूटर
एडीजीपी ने बताया कि पांचवे आरोपी प्रभदीप सिद्धू उर्फ पब्बी ने जनवरी 2022 में हरियाणा से आए गोल्डी बराड़ के दो साथियों को पनाह दी थी और उसके जरिए सिद्धू मूसेवाला के घर और आसपास के इलाकों की रेकी भी की थी। जबकि मोनू डागर ने गोल्डी बरार के निर्देश पर इस हत्या को अंजाम देने के लिए 2 शूटर मुहैया कराए और शूटरों की टीम को इकट्ठा किया थे। उन्होंने कहा कि पवन बिश्नोई और नसीब ने शूटरों को बोलेरो कार दी थी और उन्हें छिपने का ठिकाना भी मुहैया कराया था।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई है!
इस बीच एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा कि आईजीपी पीएपी जसकरण सिंह के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और पहचान किए गए शूटरों और अपराध में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई को माना है। पुलिस का कहना है कि मूसेवाला की हत्या की पूरी साजिश सचिन ने ही रची। उसी ने शार्प शूटर्स हायर कर मूसेवाला के हत्याकांड को अंजाम दिया। सचिन तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस का भांजा है।












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