पंजाब : AAP के पाले में जा सकता है कांग्रेस का वोट, जानिये क्यों बिगड़ सकतें हैं सियासी समीकरण ?

विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही मतादाताओं की निगाहें सियासी दलों के उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुईं हैं।

चंडीगढ़, 13 जनवरी 2022। विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही मतादाताओं की निगाहें सियासी दलों के उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुईं हैं। पंजाब में आए दिन सियासी समीकरण बदल रहे हैं, यही वजह है कि मतदाताओं की निगाहें पार्टी से ज़्यादा उम्मीदावारों पर टिकी हुईं हैं। पंजाब में सियासी दलों की तरफ़ उम्मीदवारों की घोषणा भी जा रही है। आम आदमी पार्टी के साथ-साथ शिअद-बसपा गठबंधन उम्मीदवारों की घोषणा करने में आगे चल रही है। इन पार्टियों ने सौ से ज़्यादा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणाएं कर दी हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी और उनके गठबंधन के साथी कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस और ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा करने में देरी कर रही है।

कांग्रेस के वोटों का हो सकता है ध्रुवीकरण

कांग्रेस के वोटों का हो सकता है ध्रुवीकरण

सियासी जानकारों की मानें तो कांग्रेस बग़ावत की डर से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर रही है। यह वजह है कि कांगेस की टिकट पर मैदान में एक भी उम्मीदवार नहीं उतरे हैं। इसी बाबत वन इंडिया हिंदी के संवाददाता ने पंजाब की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया और मतदाताओं के मूड को खंगालने की कोशिश की। पंजाब में कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस की पकड़ अच्छी है। लेकिन वहा टिकट के दावेदार कई हैं, मतदाताओं की मानें तो वह पार्टी के बजाए उम्मीदवारों को देख कर ही मतदान करेंगे। इसी सिलसिले में हमने कांग्रेस समर्थकों की राय जानी, उन्होंने कहा कि हमारे लिए जो प्रत्याशी योग्य है अगर कांग्रेस उसे टिकट देती है तो सभी लोग कांग्रेस को वोट करेंगे लेकिन अगर पार्टी ने हमारे प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया तो वह फिर कांग्रेस को वोट नहीं देंगे। जब यह सवाल किया गया कि कांग्रेस को वोट नहीं देगे तो विकल्प के तौर किस पार्टी को देख रहे हैं। इस पर सभी लोगों की एक ही राय थी कि वह आम आदमी पार्टी को वोट देंगे।

'आम आदमी पार्टी ही है दूसरा विकल्प'

'आम आदमी पार्टी ही है दूसरा विकल्प'

मतदाताओं का कहना था कि आम आदमी पार्टी ने कई सीटों पर आम आदमी पार्टी घोषणा कर दी है। यह मुमकिन नहीं है कि आम आदमी पार्टी की तरफ़ से उनके प्रत्याशी को टिकट मिल पाए। अगर ऐसा मुमकिन होता कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी से उनके प्रत्याशी को टिकट मिल जाए तो वह आम आदमी पार्टी से अपने प्रत्याशी को टिकट दिलवाने की कोशिश करते। वहीं जब यह सवाल किया गया कि आपके प्रत्याशी अगर निर्दलीय (आज़ाद) चुनावी मैदान में उतरते हैं या फिर किसी दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ते हैं तो क्या आप लोग उन्हें समर्थन करेंगे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिर हम आम आदमी पार्टी को ही वोट देंगे क्योंकि पंजाब में कांग्रेस के अलावा दूसरी अच्छी पार्टी आम आदमी है। निर्दलीय लड़ने में उम्मीदवार जीतने के बाद किस पार्टी में जाएगा यह कोई नहीं बता सकता। इसलिए आजाद उम्मीदवार को वोट देने के बजाए आम आदमी पार्टी के पक्ष में वोट डालेंगे।

पहली बार 23 सीटों से ज़्यादा पर चुनाव लड़ेगी BJP

पहली बार 23 सीटों से ज़्यादा पर चुनाव लड़ेगी BJP

पंजाब के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी और गठबंधन के साथी कैप्टन अमरिंदर सिंह (पंजाब लोक कांग्रेस) और ढींढसा (शिरोमणि अकाली दल संयुक्त) के बीच सीटों का बंटवारा तक हुआ है। भारतीय जनता पार्टी जब शिरोमणि अकलागी दल के थाथ गठबंधन में थी तो पंजाब में 23 सीटों पर ही चुनाव लड़ती थी यह पहली बार है कि भाजपा 23 सीटों से ज्यादा पर चुनाव लड़ रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा अपनी टिकट पर उम्मीदवार उतारने के लिए विधानसभा क्षेत्र का सर्वे करा रही है। जहां भाजपा के लिए दावेदारी मज़बूत होगी उन्हीं सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह इंतेज़ार में हैं कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दे असके बाद पंजाब लोक कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।

कैप्टन की पार्टी ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

कैप्टन की पार्टी ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा के साथ गठबंधन कांग्रेस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। क्योंकि कांग्रेस से जिस उम्मीदवार का टिकट कटेगा वह बाग़ी तेवर अपनाते हुए कांग्रेस को छोड़ देगा। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह इस ताक में हैं कि कांग्रेस के बागी को अपनी पार्टी या फिर गठबंधन के पार्टी से टिकट दिला दें। यही वजह है कि कांग्रेस बिल्कुल आखरी वक्त में उम्मीदवारों की घोषणा करना चाह रही है ताकि बाग़ियों की वजह से पार्टी को नुकसान नहीं पहुंच सके। अब हालात यह पैदा हो गए हैं कि कांग्रेस यह चाह रही है कि भाजपा और उसकी गठबंधन वाली पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा करे तो उसके बाद कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की घोषणा करे। इस चक्कर में दोनों पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा से कतरा रही है।

सुरक्षित सीटों पर पहले होगी उम्मीदवारों घोषणा

सुरक्षित सीटों पर पहले होगी उम्मीदवारों घोषणा

पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान की वजह से पार्टी आलाकमान उम्मीदवारों की घोषणा करने में सही फ़ैसला नहीं ले पा रहा है। टिकट बंटवारे की वजह से पार्टी में असंतोष पैदा नहीं हो इसलिए भी पार्टी आलाकमान रणनीति तैयार करने में जुटी है। कांग्रेस को डर है कि कहीं टिकट न मिलने वाले नेता टूट कर भाजपा या कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी में न चले जाएं। वहीं यह भी खबर है कि कांग्रेस पहले वैसे विधानसभा सीट से प्रत्याशियों की घोषणा करेगी जहां मौजूदा विधायक के सामने टिकट की दावेदारी के लिए कोई चुनौती नहीं है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की माने तो कांग्रेस हमेशा ही देर से टिकट बांटती है। उम्मीदवरों की पहली लिस्ट जल्द ही शेयर कर दिया जाएगा।


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