कैप्टन अमरिंदर सिंह के चुनावी दांव के आगे पंजाब कांग्रेस पस्त, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब में सभी सियासी पार्टियां चुनावी रणनीति तैयार कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही हैं।
चंडीगढ़, 25 नवम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब में सभी सियासी पार्टियां चुनावी रणनीति तैयार कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस भी चुनाव के लिए सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी हुई है। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह के सियासी दांव से कांग्रेस पस्त होती हुई नज़र आ रही है। पटियाला से कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं और वहीं से उनकी पत्नी परनीत कौर कांग्रेस से सांसद हैं। कहीं न कहीं परनीत कौर के कांग्रेस में रहने से इसका चुनावी फ़ायदा कैप्टन अमरिंदर सिंह को मिल सकता है। इसलिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसा चुनावी दांव चला कि उसमें खुद कांग्रेस फंस गई है।

शो कॉज़ नोटिस जारी
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस से जब इस्तीफ़ा देकर अपनी सियासी पार्टी बनाई तो यह क़यास लगाए जा रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे उनके साथ (कैप्टन) जा सकती हैं। लेकिन कैप्टन की पत्नी परनीत कौर अगर खुद कांग्रेस छोड़ती तो उन्हें दलबदल कानून के तहत सांसद पद भी छोड़ना पड़ता है। इसलिए उन्होंने ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा नहीं दिया। इसके साथ ही उन्होंने तरकीब लगाई की अगर पार्टी उन्हें खुद निकाल दे तो फिर वह सांसद बनी रहेंगी। कैप्टन की पत्नी परनीत कौर की यह मंशा अब पूरी होती हुई नजर आ रही है क्योंकि कांग्रेस ने परनीत कौर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

परनीत कौर को पार्टी ने दिया 7 दिनों का वक़्त
परनीत कौर को खुद कांग्रेस से इस्तीफ़ा नहीं देना पड़े इसलिए वह अपने पति कैप्टन अमरिंदर के साथ नजर जरूर आई लेकिन पार्टी विरोधी बयानबाजी नहीं की । वहीं वह मीडिया में यह बयान देते हुए नज़र आईं कि वह परिवार के तौर पर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह लेकिन उन्होंने किसी भी तरह से राजनीतिक बयानबानज़ी नहीं की। ऐसे में पार्टी पर दबाव बनता गया कि वह सांसद परनीत कौर से उनका स्टैंड साफ़ करें। इस बाबत पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही परनीत कौर को सात दिन का वक़्त दिया गया है कि वह अपने रुख को साफ़ करें। नोटिस जारी कर उनसे पूछा गया है कि वह पति कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी या कांग्रेस के साथ हैं।

कैप्टन के पार्टी छोड़ने से बदली सियासी फ़िज़ा
कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़़ने के बाद से पटियाला की सियासी फ़िज़ा पूरी तरह से बदल चुकी है क्योंकि पटियाला से कैप्टन अमरिंदर सिंह विधायक हैं और उनकी पत्नी परनीत कौर वहां की सांसद हैं। पटिय़ाला में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सियासी पकड़ काफ़ी मजबूत है। इसके साथ ही उन्होंने पटियाला से ही आगामी विधान सभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अब अगर उनकी पत्नी सांसद परनीत कौर अगर कांग्रेस में ही रहती हैं तो कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी पत्नी के ओहदे का फ़ायदा उठाते हुए आसानी से कांग्रेस के वोट बैंक को अपनी तरफ़ मोड़ सकेंगे। इसलिए अब पंजाब कांग्रेस चाहती है कि किसी भी तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह को कमज़ोर कर पार्टी की सियासी पकड़ मज़बूत करें। इसलिए ही कैप्टन की पत्नी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा गया है।
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