पंजाब: CM के पास वक़्त कम और काम ज़्यादा, जानिए कौन से मुद्दे हैं चरणजीत चन्नी के लिए चुनौती ?
सीएम चन्नी पहले दिन से ही रणनीति तैयार कर काम कर रहे हैं। साथी ही चन्नी कैबिनेट के मंत्री और विधायक भी जनता से किए वादे को पूरा करने में जुटे हुए हैं।
चंडीगढ़, अक्टूबर 1, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं। नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को 3 महीने में जनता से किए गए वादे पूरे करने हैं। इस बाबत लगातार सीएम चन्नी पहले दिन से ही रणनीति तैयार कर काम कर रहे हैं। साथी ही चन्नी कैबिनेट के मंत्री और विधायक भी जनता से किए वादे को पूरा करने में जुटे हुए हैं। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद संगत सिंग गिलजियां पहली बार होशियारपुर पहुंचे। वहां उन्होंने पंजाब में विकास की नई इबारत लिखे जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों के साथ किया हर वादा पूरा करेगी।

'वादे पूरा करना प्राथमिकता'
पंजाब के नए वन और श्रम मंत्री संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ़ से लोगों के साथ किये वादों में से 18 मुख्य काम प्राथमिकता के आधार पर करवाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। इससेए हर वर्ग के लिए ज़रूरी सहूलतें मुहैय्या कराई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने जो उन्हें ज़िम्मेदारी दी है उसे वह बखूबी अंजाम देंगे। वन और श्रम मंत्री संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि पंजाब सरकार के पास अभी 3 महीने से ज़्यादा वक़्त बाक़ी है। इस दौरान पहले से चल रही परियोजनाओं के साथ-साथ नई परियोजनाओं को वक़्त पर पूरा किया जायेगा। संगत सिंह गिलजियां ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए कहा कि पंजाब सरकार शुरू से ही किसानों के साथ उनकी मांगों के लिए डट कर खड़ी है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने एक प्रस्ताव पास करके किसानों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता का दिखाई है। पंजाब सरकार खेती कानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे संघर्ष के दौरान जान गंवा चुके किसानों के परिवारों के साथ खड़ी है। इन किसानों के पारिवारिक सदस्यों को नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र भी दिए जा रहे हैं।

'समय पर पूरे होंगे विकास कार्य'
कपूरथला में रमणीक चौक से श्री सत्य नारायण मंदिर तक सड़क बनाने के काम की शुरुआत की गई। इस दौरान कपूरथला से पूर्व विधायक राजबंस कौर राणा ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से अगले तीन महीने के दौरान विकास कामों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। रमणीक चौक से श्री सत्य नारायण मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क को 90 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जिस पर पहले से ही नीचे सीवर लाइन बिछवाई गई है। उन्होंने कहा कि वह खुद हर सप्ताह शहर कपूरथला अंदर चल रहे विकास कामों की निगरानी करेंगी, जिससे जहां विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जा सके और काम की गुणवत्ता को भी बरकरार रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से आम लोगों की समस्याओं को पहल के आधार पर हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, जिससे साफ-सुथरा प्रशासन देने के साथ-साथ लोगों के रोजमर्रा के काम तेजी से किए जा सकेंगे। पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तरफ से राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट मंत्री का सम्मान देने से हलके के साथ-साथ पूरे दोआबा के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कब निकलेगा मुद्दे का हल ?
पंजाब की जनता तीन बड़े मुद्दे के हल का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जिसमें ड्रग, बेअदबी और बिजली समझौते हैं। इन्हीं तीन मुद्दों पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और परगट सिंह अकसर कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेरते नज़र आते थे। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू तो यहां तक दावा किया था कि पहली कैबिनेट में ही ड्रग्स, बेअदबी और बिजली समझौते के मुद्दे का हल निकाल देंगे। नवजोत सिंह सिद्धू के क़रीबी परगट सिंह वही विधायक हैं जिन्होंने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अब परगट सिंह पंजाब सरकार में मंत्री भी हैं। उनके पास विभाग की ज़िम्मेदारी भी है। वहीं उनकी टवीट् की जवाबदेही भी है जिनके ज़रिए वह लगातार कैप्टन सरकार के खिलाफ हमलावर रहे हैं।

परगट सिंह ने उठाए थे मुद्दे
परगट सिंह अकसर मीडिया से मुखातिब होते हुए यह कहते नज़र आते थे कि करीब ढाई साल से लगातार कैप्टन अमरिंदर सिंह को चिट्ठी लिखते रहे। पंजाब में बड़े ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई नहीं होने और बेअदबी मामलों में इंसाफ नहीं मिलने का मुद्दा हर बार कैप्टन के सामने उठाते रहे। उनकी चिट्ठियों में इन्हीं बातों पर ज़ोर रहता था कि इन मुद्दों पर कार्रवाई की जाए। आपको बता दें कि पिछले चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनती है तो हेलीकॉप्टर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा इसके साथ ही वीआईपी कल्चर खत्म होगा, लेकिन पिछले साढ़े चार सालों में कांग्रेस वीआईपी कल्चर को खत्म नहीं कर पाई है।

सरकार के लिए चुनौती
कांग्रेस पार्टी ने बेघर और ग़रीब लोगों के लिए पांच रुपये में खाना रेडक्रॉस सोसाइटी की तरफ से दिए जाने का भी वादा किया था को कि अभी भी अधर में है। वहीं किसानों के क़र्ज़ माफ़ी का बड़ा वादा भी अधर में है। काफी किसान अब भी कर्ज के बोझ में दबे हैं। बिजली 5 रुपये प्रति यूनिट, 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ते के वादे भी चन्नी सरकार को पूरे करने होंगे। 2017 में कैप्टन ने गुटका साहिब की सौगंध खाकर कहा था कि वह चार सप्ताह में नशे का सफाया कर देंगे। नशे का सफ़ाया तो नहीं हो पाया उल्टे ही पंजाब में नशे की जड़ें और ज़्यादा मजबूत हो चुकी हैं। घर-घर रोजगार के तहत परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी मुहैया करवाने का वादा था। वह वादा भी पूरा नहीं किया गया है जिससे युवाओं में सरकार के ख़िलाफ़ काफ़ी नाराज़गी है। इन सभी वादों को पूरा करने के साथ-साथ 2017 के चुनावी घोषणा पत्र को पूरा करने की ज़िम्मेदारी भी चन्नी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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