अमृतपाल ऑपरेशन में हो सकता था बहबल कलां कांड का रिपीट टेलीकास्ट! CM भगवंत मान ने रोका
23 अप्रैल की सुबह खालिस्तान समर्थक व 'वारिस पंजाब डे' प्रमुख अमृतपाल सिंह को मोगा जिले के रोडे गांव स्थित गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया।

Amritpal Singh Update: खालिस्तान समर्थक व 'वारिस पंजाब डे' प्रमुख अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में कैद है। पंजाब सरकार ने अमृतपाल की रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। जिसमें फॉरेन फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का दावा किया गया है। 36 दिनों से पुलिस की नाक में दम कर चुके अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी एक रोचक तरीके से हुई। न गोली चली और न ही कोई अफरा-तफरी मची।
दरअसल, 22 अप्रैल की रात भगोड़े अमृतपाल सिंह की लोकेशन पुलिस को मोगा जिले के रोडे गांव स्थित गुरुद्वारे में मिली। पुलिस ने गुरुद्वारे को घेरने की योजना बनाई, लेकिन तभी पंजाब सीएम भगवंत मान सिंह ने ऑपरेशन अमृतपाल सिंह के दौरान गोलियां चलाने से रोक लगा दी। इतना ही नहीं, गुरुद्वारे परिसर में पुलिस की एंट्री पर भी बैन कर दी। ऐसे में 23 अप्रैल की सुबह बिना एक भी गोली चले अमृतपाल की गिरफ्तारी शांतिपूर्ण ढंग से हुई। अमृतपाल के समर्थक इसे सरेंडर बता रहे हैं।
बहबल कलां कांड का रिपीट टेलीकास्ट होने से रोका
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पंजाब सीएम भगवंत मान सिंह ने ऑपरेशन अमृतपाल सिंह के दौरान गोलियां चलाने से रोक लगा दी थी। उन्होंने फोन कर टॉप पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि गुरुद्वारे की पवित्रता बनी रहे और गोलियों की बौछार न हो। उन्होंने यह भी कहा कि बरगाड़ी और बहबल कलां जैसा कोई मुद्दा दोबारा राज्य में न उठाने पाए।
उन्होंने आदेश दिया कि गोलियां नहीं चलेंगी और पुलिस गुरुद्वारे के परिसर में प्रवेश नहीं करेगी। अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए भारी पुलिस उपस्थिति हो, लेकिन गांव वालों के बीच कोई घबराहट न हो। इसलिए, यह तय किया गया कि पुलिस को गांव में सादे कपड़ों में तैनात किया गया।
क्या है बरगाड़ी और बहबल कलां कांड ?
आपको बता दें कि 8 साल पहले यानी 12 अक्टूबर 2015 को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी करने का मामला सामने आया था। 14 अक्टूबर को कोटकपूरा व बहबल कलां में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई थी। बहबल कलां में दो युवकों की जान चली गई थी।












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