Punjab CM भगवंत मान की चेतावनी, फीस रेगुलेशन का उल्लंघन करने पर स्कूलों का NOC कैंसिल होगा
मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने कहा है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों को 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' (Punjab School of Eminence) के रूप में विकसित किया जाएगा।
चंडीगढ़, 26 जून : पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ना ऐलान किया है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों को 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि शैक्षणिक सुधारों के प्रति पंजाब सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेक्चरर को मिलने वाली सैलरी पर सीएम मान ने कहा कि लेक्चरर को सैलरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से बनाए गए नियमों के तहत ही होगी।

प्राइवेट स्कूलों में फीस रेगुलेशन
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी AAP की सरकार है। अपने स्कूलों में हुए बदलाव को AAP बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित करती है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली के फॉर्मूले से प्रेरित होकर पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। विधानसभा में सीएम भगवंत मान ने कहा, छात्रों को क्वालिटी का एजुकेशन मिले, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में फीस रेगुलेशन जरूरी है।
रद्द होगा स्कूलों का NOC
सीएम मान ने आश्वस्त किया कि प्राइवेट स्कूलों को 2016 के फी अधिनियम के तहत चलना होगा। ऐसा नहीं करने पर स्कूलों पर एक लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन और मनमाने तरीके से फी बढ़ाने की शिकायत सही पाए जाने पर स्कूलों का NOC रद्द कर दिया जाएगा।
19 नए ITI में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग
उन्होंने कहा कि सरकार क्वालिटी एजुकेशन के साथ तकनीकी शिक्षा पर भी जोर दे रही है। बकौल सीएम मान, पंजाब सरकार तकनीकी शिक्षा के लिए 19 नए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) की स्थापना कर रही है। उन्होंने बताया कि डिमांड के मुताबिक तकनीकी संस्थाओं में 44 नए कोर्स शुरू करने पर मंथन किया जा रहा है।
गैर शिक्षण कार्यों के लिए अलग कैडर
बकौल मान, पंजाब के सरकारी स्कूलों में एलिमेंट्री ट्रेंड टीचर (5994) और प्री प्राइमरी शिक्षकों (8393) की नियुक्ति का प्रोसेस चल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव का एक प्रमुख संकेत ये भी होगा कि शिक्षकों को केवल पढ़ाने के काम में ड्यूटी मिलेगी। शिक्षण कार्य से अलग स्कूली काम के लिए अलग से कै़डर का गठन किया जाएगा।












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