पंजाब:अमरिंदर सिंह की कप्तानी, सीएम चन्नी की बल्लेबाज़ी, इस तरह हो गया कैप्टन का स्कोर ख़राब
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनाव रणनीति तैयार कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं पंजाब कगंग्रेस कैप्टन के खिलाफ़ रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है
चंडीगढ़, 1 दिसम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनाव रणनीति तैयार कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं पंजाब कगंग्रेस कैप्टन के खिलाफ़ रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है, ताकि कैप्टन की वजह से चुनाव में कांग्रेस को ख़ामियाज़ा नहीं भुगतना पड़े। पंजाब कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब कांग्रेस के खिलाफ रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कैप्टन को मात देने के लिए ट्रंप कार्ड खेला है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हर घर नौकरी देने का वादा किया था। इस मुद्दे पर आए दिन पंजाब कांग्रेस पर विपक्षी दल निशाना साधते रहे हैं। पंजाब में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में पंजाबियों का कोटा फिक्स करने का दांव चलने के बाद अब सीएम चन्नी ने सरकारी नौकरियों में भर्ती निकालने पर ज़ोर दे रहे हैं।

रोज़गार के मुद्दे पर CM चन्नी का ज़ोर
सीएम चन्नी शपथ लेते ही कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराने के मकसद चुनावी वादों को अमलीजामा पहना रहे हैं। पंजाब में नौकरी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार सवालों के घेरे में रही है। विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के घर-घर रोजगार देने के वादे पर युवाओं ने चुनाव में कांग्रेस को काफ़ी समर्थन दिया था। सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां दिलवाईं लेकिन सारकारी नौकरियों पर ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से काफ़ी वक़्त से पंजाब में युवा सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कैप्टन की इसी कमज़ोरी को भुनाते हुए सीएम चन्नी ने सरकारी नौकरी का पिटारा खोल दिया है।

युवा मतदाताओं को लुभाने की कोशिश
सीएम चन्नी शपथ लेते ही कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराने के मकसद चुनावी वादों को अमलीजामा पहना रहे हैं। पंजाब में नौकरी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार सवालों के घेरे में रही है। विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के घर-घर रोजगार देने के वादे पर युवाओं ने चुनाव में कांग्रेस को काफ़ी समर्थन दिया था। सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां दिलवाईं लेकिन सारकारी नौकरियों पर ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से काफ़ी वक़्त से पंजाब में युवा सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कैप्टन की इसी कमज़ोरी को भुनाते हुए सीएम चन्नी ने सरकारी नौकरी का पिटारा खोल दिया है।

चुनावी मोड में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी
सीएम चन्नी शपथ लेते ही कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराने के मकसद चुनावी वादों को अमलीजामा पहना रहे हैं। पंजाब में नौकरी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार सवालों के घेरे में रही है। विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के घर-घर रोजगार देने के वादे पर युवाओं ने चुनाव में कांग्रेस को काफ़ी समर्थन दिया था। सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां दिलवाईं लेकिन सारकारी नौकरियों पर ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से काफ़ी वक़्त से पंजाब में युवा सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कैप्टन की इसी कमज़ोरी को भुनाते हुए सीएम चन्नी ने सरकारी नौकरी का पिटारा खोल दिया है।
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