पंजाब: कांग्रेस के कार्यक्रमों से कैप्टन की पत्नी ने बनाई दूरी, जानिये क्या है प्रिनीत कौर की रणनीति ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब कांग्रेस सियासी ज़मीन मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी आलाकमान से सेकर मुख्यमंत्री चन्नी तक मतदाताओं को लुभाने की थोड़ी सी भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
चंडीगढ़, 25 दिसंबर, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब कांग्रेस सियासी ज़मीन मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी आलाकमान से सेकर मुख्यमंत्री चन्नी तक मतदाताओं को लुभाने की थोड़ी सी भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस से इस्तीफ़ा देकर कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सियासी पार्टी बनाते हुए कांग्रेस के सियासी समीकरण को बिगाड़ने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी सांसद प्रिनीत कौर भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं। हाल ही में सोनिया गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस सांसदों की बैठक बुलाई थी जिसमें कांग्रेस के सभी सांसद शामिल हुए लेकिन परनीत कौर शामिल नहीं हुईं। सोनिया गांधी के आवास पर क़रीब एक घंटे हुई बैठक में प्रताप सिंह बाजवा, मनीष तिवारी, अमर सिंह, संतोख चौधरी, रवनीत सिंह बिट्टू और गुरजीत सिंह औजला शामिल रहे।

प्रिनीत कौर को नोटिस जारी
कांग्रेस आलाकमान ने पटियाला की सांसद परनीत कौर को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था कि वह अपना स्टैंड क्लियर करें। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस से जब इस्तीफ़ा देकर अपनी सियासी पार्टी बनाई तो यह क़यास लगाए जा रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी कांग्रेस से इस्तीफ़ा देकर उनके साथ (कैप्टन) जा सकती हैं। लेकिन कैप्टन की पत्नी प्रिनीत कौर अगर खुद कांग्रेस छोड़ती तो उन्हें दलबदल कानून के तहत सांसद पद भी छोड़ना पड़ता। इसलिए उन्होंने ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा नहीं दिया। इसके साथ ही उन्होंने तरकीब लगाई की अगर वह पार्टी से दूरी बना कर रखेंगी तो उन्हें पार्टी से निकाल देगी और वह सांसद बनी रहेंगी। प्रिनीत कौर के पति कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का गठन कर चुके हैं।

पार्टी के कार्यक्रमों से बनाई दूरी
कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सियासी पार्टी बनाने के साथ ही पटियाला से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। पटियाला से ही उनकी पत्नी प्रिनीत कौर कांग्रेस की सांसद हैं। प्रिनीत कौर के कांग्रेस में रहने से इसका चुनावी फ़ायदा कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस को मिल सकता है। इसलिए सांसद प्रिनीत कौर पार्टी की बैठकों से दूरी बना रही हैं ताकि उन्हें पार्टी ख़ुद ही निकाल दे और वह पंजाब लोक कांग्रेस के चुनावी प्रचार में इसका सियासी माइलेज ले सकें। प्रिनीत कौर को खुद कांग्रेस से इस्तीफ़ा नहीं देना पड़े इसलिए वह अपने पति कैप्टन अमरिंदर के साथ नजर जरूर आई लेकिन पार्टी विरोधी बयानबाजी नहीं की । वहीं वह मीडिया में यह बयान देते हुए नज़र आईं कि वह परिवार के तौर पर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह लेकिन उन्होंने किसी भी तरह से राजनीतिक बयानबानज़ी नहीं की।

कांग्रेस पर बढ़ता गया दबाव
पटियाला से कांग्रेस सांसद प्रिनीत कौर के इस दांव से कांग्रेस पर दबाव बनता गया कि वह प्रिनीत कौर से उनका स्टैंड क्लियर करें। इस बाबत पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया । इसके साथ ही प्रिनीत कौर को सात दिन का वक़्त देते हुए अपने रुख को साफ़ करने की बात भी कही थी। नोटिस जारी कर उनसे पूछा गया था कि वह पति कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के साथ हैं या फिर कांग्रेस के साथ हैं। पटियाला से कैप्टन अमरिंदर सिंह विधायक हैं और उनकी पत्नी प्रिनीत कौर वहां की सांसद हैं। पटिय़ाला में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सियासी पकड़ काफ़ी मजबूत है। अब अगर उनकी पत्नी सांसद प्रिनीत कौर अगर कांग्रेस में ही रहती हैं तो कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी पत्नी के ओहदे का फ़ायदा उठाते हुए आसानी से कांग्रेस के वोट बैंक को अपनी तरफ़ मोड़ सकेंगे।
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