सीएम भगवंत मान ने क्रांतिकारी मदनलाल धींगरा को दी श्रद्धांजलि
महान क्रांतिकारी मदनलाल धींगरा को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके मदनलाल ढींगरा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महान क्रांतिकारी योद्धा शहीद मदनलाल धींगरा की जयंती के अवसर पर हम पंजाब की पवित्र भूमि श्री अमृतसर साहिब को नमन करते हैं। उनका जीवन हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा।
बता दें कि मदनलाल धींगरा का जन्म 18 फरवरी 1883 में पंजाब में हुआ था। 17 अगस्त 1909 में महज 26 वर्ष की आयु में वह देश के लिए शहीद हो गए थे। देश आज भी उनकी शहादत को याद करता है। धीगरा के पिता सिविल सर्जन थे और उनकी माता धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। धींगरा का परिवार अंग्रेजों का विश्वासपात्र था। लेकिन मदनलाल शुरुआत से ही क्रांतिकारी विचारधारा के व्यक्ति थे। यही वजह है कि उन्हें लाहौर विद्यालय से निकाल दिया गया था। जिसके बाद परिवार ने उनसे नाता तोड़ लिया था।

परिवार ने जब मदनलाल से नाता तोड़ लिया तो उन्होंने लिपित, तांगा चलाकर और मजदूरी करके अपना भरण-पोषण किया। वह एक कारखाने में मजदूर के तौर पर भी काम करते थे। उन्होंने यहां मजदूर यूनियन बनाने का भी प्रयास किया, लेकिन बाद में उन्हें कारखाने से बाहर निकाल दिया गया। बाद में अपने भाई की सलाह और मदद से 1906 में उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए।
यहां उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में यात्रिक प्रौद्योगिकी में प्रवेश लिया। यहां उनकी मुलाकात विनायक दामोदर सावरकर और श्यामजी कृष्ण वर्मा से जुड़े। जिस तरह से खुदीराम बोस, कनानी दत्त, सतंदर पाल और कांशीराम को फांसी दी गई उससे तिलमिलाए मदनलाल ने सर विलियम कर्जन वाइली को गोली मार दी थी। यही नहीं उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले डॉक्टर कोवासी ललकाका को भी ढींगरा ने गोली मार दी थी। इसके बाद खुद को गोली मारने ही वाले थे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गयाष जिसके बाद 17 अगस्त 1909 में उन्हें फांसी दे दी गई।












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