पंजाब: चुनावी सौगात के चक्कर में बढ़ा सरकार पर आर्थिक बोझ, पेंडिंग पड़ी कई योजनाएं, जानिए पूरा मामला
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सीएम चन्नी जनता से किए वादे को पूरा करने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 13 दिसंबर, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सीएम चन्नी जनता से किए वादे को पूरा करने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही सीएम चन्नी आचार संहिता लगने से पहले जनता से किए चुनावी वादे पूरा कर सियासी माइलेज लेने की तैयारी में हैं। वहीं पिछले काफ़ी अरसे से कई प्रोजेक्ट फंड की कमी से पेंडिंग पड़े हुए हैं। पंजाब के सबसे बड़े औद्योगिक शहर कहे जाने वाले लुधियाना के फोकल प्वाइंट की सड़कें हो या फिर बठिंडा की योजनाएं यह सब प्रोजेक्ट फ़ंड की कमी की वजह से अधर में हैं। आज हम आपको कुछ प्रोजेक्टस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी तरफ़ पंजाब सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है। वहीं अब सरकार के लिए यह आचार संहिता से पहले जनता से किए वादे को पूरा करना भी चुनौती बनी है।

फंड की कमी से अधर में निर्माण
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह लुधियाना दौरे पर आए थे तो उन्होंने भी फोकस प्वॉइंट की सड़कों को सही करवाने की घोषणा की थी, उसके बाद वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने मरम्मत की घोषणाएं की। मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के घोषणाओं के बाद भी लुधियाना के कई फोकल प्वाइंट सड़कों के निर्माण को लेकर फंड का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एवं एक्सपोर्ट कार्पोरेशन (पीएसआईईसी) की तरफ़ से सड़कों का निर्माण तो शुरू किया गया। कई सड़कों का निर्माण करवाया गया लेकिन लेकिन योजना के तहत पंजाब सरकार की तरफ़ से फंड नहीं मिलने की वजह से कई सड़कों का निर्माण अभी भी अधर में हैं।

कई प्रोजेक्टस पड़े पेंडिंग
सीएम के पैतृक गांव मेहराज (बठिंडा) के विकास के लिए 28 करोड़ रुपये का बजट जारी होना था, लेकिन सरकार ने अभी तक फंड जारी नहीं किया है। ग़ौरतलब है कि इसकी घोषणा 28 जनवरी 2018 को पूर्व सीएम कैप्टन अमरिदर सिंह ने कर्ज माफी समागम के दौरान की थी। वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने 24 जून 2018 को गांव महमा सरजा में बायोमास प्लांट के नींव का पत्थर रखा जिसकी बजट 50 करोड़ रुपये थी लेकिन अभी तक इस प्रोजेक्ट को एनवायरमेंटल क्लीयरेंस ही नहीं मिली है। इसी तरह कई और प्रोजेक्टस है जो सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। जिस तरह से चन्नी सरकार अपने वादे को पूरा करने लिए लगातार कोशिश कर रही है। उसी तरह सरकार को भी इन पेंडिंग प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना चाहिए। फंड की कमी की वजह से कुछ और प्रोजेक्ट्स पेंडिग में पड़े हैं।

चुनाव में भुगतना पड़ सकता है ख़ामियाज़ा
पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 13 दिसंबर 2016 को एसी बस स्टैंड के लिए नींव का पत्थर रखा जिसके लिए 45 करोड़ रुपये की लागत आती। वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने 13 अक्टूबर को रिग रोड का काम शुरू करने के वक्त इसके बनवाने की घोषणा कि लेकिन एसी बस स्टैंड का निर्माण करने को लेकर अभी तक कोई प्रॉपर प्लानिग नहीं हो पाई है। इस ऐसी बस स्टैंड के बन जाने से ट्रैफिक कम होगा साथ ही लोगों को बैठने के लिए बढि़या वातावरण मिलेगा। वहीं दुकानों पर रोज़गार के अवसर भी बढेंगे। 600 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एथेनाल रिफाइनरी की नींव पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 25 दिसंबर 2016 को रखी थी लेकिन यह प्रोजेक्ट तब से लेकर आज तक फाइलों में ही घूम रहा है। अगर सरकार ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।
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