Election Special: क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है कादियां विधानसभा सीट, कैसा रहा है यहां समीकरण ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कादियां सीट पंजाब की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है।
चंडीगढ़, 10 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कादियां सीट पंजाब की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है। आज हम आपको इस विधानसभा के सियासी इतिहास और समीकरण के बारे में बताने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के रण में कादिया सीट से कांग्रस की टिकट पर प्रताप सिंह बाजवा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने जगरूप सिंह सेखवां को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाजवादी गठबंधन की तरफ़ से गुर इकबाल सिंह महाल चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल (सयुक्त) भाजपा गठबंधन उम्मीदवार मास्टर जौहर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

2017 में हुआ था 47.48 फीसदी मतदान
पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में क़ादियां विधानसभा सीट आती है, 2017 के विधानसभा चुनाव यहां 47.48 फीसदी मतदान हुआ था। 2017 में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार फतेहगंज सिंह बाजवा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार सेवा सिंह को 11 हज़ार 737 वोटों से हराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव से इस सीट पर कांग्रेस परचम लहराते हुए आ रही है। कादियां विधानसभा पर बाजवा परिवार का ही वर्चस्व रहा है। 2012 के चुनाव में चरणजीत कौर बाजवा कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरी थीं। आपको बता दें कि चरणजीत कौर बाजवा कांग्रेस के राज्यासभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा की पत्नी हैं। कादियां विधानसभा सीट पर हमेशा से ही कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच मुक़ाबला रहा है। शिअद-भाजपा गठबंधन उम्मीदवार ने कई बार इस सीट से जीत दर्ज की है।

कांग्रेस और शिअद के बीच रहा है मुक़ाबला
कादियां सीट से 1992 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर तृप्त राजिंदर सिंह ने जीत दर्ज की थी। वहीं 1997 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार नाथा सिंह दालम ने जीत दर्ज की थी। 2002 के विधानसभा चुनाव में फिर से कांग्रेस के उम्मीदवार तृप्त राजिंदर सिंह ने इस सीट से कांग्रेस का परचम लहाया था। 2007 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणी अकाली दल के नेता लखबीर सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2012 के विधानसभा चुनाव में चरणजीत कौर बाजवा ने कांग्रेस की टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में फतेहजंग बाजवा ने कांग्रेस की टिकट जीत दर्ज की थी। इस बार के विधानसभा चुनाव में सियासी समीकरण बदल चुके हैं, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा अलग-अलग चुनावी मैदान में है।

क्या इस सीट पर कांग्रेस लगा पाएगी हैट्रिक ?
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस की टिकट पर फतेहजंग बाजवा (प्रताप सिंह बाजवा के भाई) ने जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार फतेहजंग सिंह बाजवा ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। क्योंकि इस सीट से उनका टिकट कटने वाला था लेकिन उन्होंने टिकट कटने से पहले की कांग्रेस को अलविदा बोल दिया था। इस बार के चुनावी रण में कांग्रेस की टिकट पर प्रताप सिंह बाजवा चुनावी बिगुल फूंक रहे हैं। वहीं फतेहजंग बाजा बटाला विधानसभा चुनाव से भाजपा की टिकट पर बटाला से चुनाव लड़ रहे हैं। कादियां विधानसभा सीट गुरदासपुर जिले में शामिल है। ग़ौरतलब है कि इस संसदीय क्षेत्र से बॉलिवुड अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता सनी देओल सांसद हैं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ को 82 हज़ार 459 से वोटों से हराया था। इस बार के विधानसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती है या फिर दूसरी पार्टी परचम लहराएगी इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
ये भी पढ़ें: पंजाब: सिद्धू के ट्विटर पोस्ट से पंजाब कांग्रेस में हलचल, अटकलों का बाज़ार गर्म, जानिए मामला












Click it and Unblock the Notifications