पंजाब: क्या हैट्रिक लगा पाएंगे कांग्रेस उम्मीदवार रंधावा, डेरा बाबा नानक सीट कैसा रहा है सियासी समीकरण ?
पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं। सभी दलों के प्रत्याशी अपने-अपने विधानसभा हलके चुनाव प्रचार कर मतदाताओं को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 14 फरवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं। सभी दलों के प्रत्याशी अपने-अपने विधानसभा हलके चुनाव प्रचार कर मतदाताओं को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र डेरा बाबा नानक सीट भी अहम मानी जा रही है। आज हम आपको डेरा बाबा नानक विधानसभा के सियासी समीकऱण और इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं। यह विधानसभा सीट गुरदासपुर ज़िले में आती है। यहां के सांसद बॉलिवुड अभिनेता और भारतीय जना पार्टी के नेता सनी देओल हैं। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता नेता सुनील जाखड़ 82 हज़ार 459 वोटों से हराकर अपनी पार्टी का परचम लहराया था।

ऐतिहासिक और धार्मिक तौर पर अलग पहचान
पंजाब के गुरदासपुर ज़िले के अन्तर्गत आने वाली डेरा बाबा नानक सीट ऐतिहासिक और धार्मिक तौर पर अपनी एक अलग पहचान रखती है। जानकारों की मानें तो सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के भक्तों ने डेरा बाबा नानक का नाम रखा है। यह विधानसभा सीट सियासी एतबार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी काफ़ी अहमियत रखती है। डेरा बाबा नानक एक ऐतिहासिक शहर है और इसमें कई गलियां और घर हैं जो गुरु नानक के समय से संरक्षित हैं। दोनों देशों की सीमा से एक किलोमीटर की दूरी पर और रावी नदी के पूर्वी किनारे पर डेरा बाबा नानक बसा है। यहां की नवनिर्मित तहसील का मुख्यालय डेरा बाबा नानक को बनाया गया था। यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान की सीमा पर मौजूद डेरा बाबा नानक करतारपुर कॉरिडोर के लिए काफी अहम माना जाता है।

क्या जीत की हैट्रिक लगा पाएंगे रंधावा ?
2017 के विधानसभा चुनाव में डेरा बाबा नानक सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी सुच्चा सिंह को हराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी सुच्चा सिंह को हराकर अपनी पार्टी का झंडा बुलंद किया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याषी सुखजिंदर सिंह रंधावा को 66 हज़ार 294 वोट मिला था। वहीं शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी सुच्चा सिंह को 63 हज़ार 354 वोट मिले थे। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी सुच्चा सिंह के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। इस बार वह हैट्रिक लगाने की मूड में सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस की ही टिकट पर इस विधानसभा सीट से चुनावी बिगुल फूंक रहे हैं।

कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है ख़ामियाज़ा
पंजाब के सियासी जानकारों की मानें तो गुरदासपुर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी झंडा बुलंद रहा है। इस लोकसभा सीट विनोद खन्ना 4 बार सांसद चुने गए थे। पहली बार 1998 के लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना यहां से सांसद चुने गए। इसके बाद 1999, 2004 और 2014 में यहां से सांसद चुने गए। वहीं 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह बाजवा ने जीत दर्ज की थी। 2014 में फिर से विनोद खन्ना ने भाजपा की टिकट पर जीत दर्ज की थी। 27 अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना के निधन के बाद उपचुनाव में सीट फिर से कांग्रेस के हाथ में चली गई। सुनील जाखड़ ने इस सीट से कांग्रेस का झंडा बुलंद किया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में अभिनेता सनी देओल ने यह सीट भाजपा की झोली में डाला था। सियासी जानकारों का कहना है कि इस बार कांग्रेस में गुटबाज़ी क वजह से विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।
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