पंजाब में श्रमिकों की मुआवजा राशि को 18 अक्टूबर तक किया जाएगा जारी
पंजाब सरकार ने सभी असिस्टेंट लेबर कमिश्नर को आदेश जारी करके निर्देश दिया है कि जिन भी श्रमिकों की मौत के बाद उनके मुआवजे की राशि की याचिका लंबित है उसे 18 अक्टूबर तक जारी किया जाए। इस तरह के तकरीबन 1770 आवेदन पंजाब सरकार के पास लंबित हैं।
बता दें कि अगर किसी श्रमिक की सामान्य परिस्थिति में मौत होती है तो पंजाब सरकार उसके परिजनों को 2 लाखरुपए का मुआवजा देती है जबकि किसी काम के दौरान श्रमिक की मौत होने पर परिजनों को 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है।

श्रम विभाग के मुख्य सचिव की बैठक के बाद यह आदेश जारी किया गया है। कुछ आवेदन कई वर्षों से लंबित थे। सबसे ज्यादा लंबित आवेदन श्रम प्रवर्तन अधिकारी, इसके बाद एएलसी मोगा, पटियाला, संगरूर, फिरोजपुर और फाजिल्का सर्कल में लंबित हैं।
लंबित मामलों से नाराज पंजाब सरकार ने लंबित आवेदन को जल्द से जल्द निपटारा करने के लिए कहा गया है। पंजाब सरकार ने सभी असिस्टेंट लेबर कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि वह प्रदेश में लंबित सभी मामलों का 18 अक्टूबर तक निपाटार किया जाए, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार 1770 श्रमिकों का मुआवजा एएलसी के पास लंबित है। एचटी, एएलसी को निर्देश दिया गया है कि वह सब डिविजनल मजिस्ट्रेट स्तर पर बैठक करें और इसका निपटारा करें। इस बाबत प्रदेश के लेबर वेलफेयर बोर्ड के डिप्टी सेक्रेटरी की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
पंजाब में बिल्डिंग और अन्य निर्माण कार्य में शामिल श्रमिकों की मौत होने पर 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है, जबकि हादसे में मौत होने पर 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है। दरअसल शुक्रवार को श्रम विभाग के मुख्य सचिव ने सभी एएलसी के साथ बैठक की थी, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है।












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